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स्वर्ण बाजार में सन्नाटा! सोने-चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़कर 15% होने से व्यापारियों में हड़कंप - INA NEWS

UP : केंद्र सरकार के सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले ने सराफा बाजार को झटका दे दिया है। 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए गए शुल्क ने न सिर्फ सोने-चांदी को आम आदमी की पहुंच से और दूर कर दिया है, बल्कि पूरे बाजार में वीरानी छा गई है। बुधवार को एमजी रोड स्थित बड़े ज्वेलरी शोरूमों से लेकर किनारी बाजार, जौहरी बाजार, रावतपाड़ा, कमला नगर और कारगिल चौराहा तक की दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा। ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर रही। जिले में प्रतिदिन औसतन 20 से 25 करोड़ रुपये का सोना और करीब 50 करोड़ रुपये की चांदी का कारोबार होता है, जो अब इस फैसले से सीधे प्रभावित हो गया है।

व्यापारियों का गुस्सा फूटा
व्यापारियों का कहना है कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से सोना खरीदने से बचने की अपील करते हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार ने अचानक आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी कर दी। इससे सोने के भाव पहले से ही ऊंचे आसमान छू रहे हैं और अब और महंगे होने वाले हैं।
श्री सराफा कमेटी के अध्यक्ष धन कुमार जैन ने कहा,
“सरकार का यह फैसला पूरी तरह व्यापार विरोधी है। बाजार में पैनिक का माहौल है। तस्करी रोकने में नाकाम रही सरकार अब अपना घाटा वैध कारोबारियों और आम जनता से वसूल रही है। इससे दो नंबर का कारोबार बढ़ेगा और ईमानदार व्यापारी मारे जाएंगे।”

व्यापारियों का तर्क है कि सरकार को सोने की तस्करी पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी, न कि वैध व्यापार पर अतिरिक्त बोझ डालना चाहिए था। शुल्क बढ़ने से न केवल खुदरा बिक्री प्रभावित होगी, बल्कि पूरे सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा।

आम आदमी पर असर
सोना पहले ही महंगा हो चुका है। अब 15% आयात शुल्क के बाद आभूषण और निवेश दोनों ही आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गए हैं। शादी-ब्याह के सीजन में यह फैसला और भी ज्यादा परेशान करने वाला साबित हो रहा है।
बाजार सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने-चांदी की मांग में और गिरावट आने की आशंका है, जिससे छोटे-मोटे ज्वेलर्स और कारीगरों पर भी संकट गहरा सकता है।
सरकार के इस कदम से सराफा कारोबार की कमर टूटने का खतरा मंडरा रहा है। व्यापारी संगठन अब इस फैसले के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन और प्रतिनिधिमंडल भेजने की तैयारी कर रहे हैं।

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