मुरादाबाद शहर के चक्कर की मिलक इलाके में रामगंगा नदी के किनारे बसे एक छोटे से मकान में सोमवार रात करीब 8 बजे हुई एक जघन्य घटना ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। महज 16 हजार रुपये के छोटे से विवाद को लेकर पड़ोसी के बेटे ने अपने साथियों के साथ मिलकर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।
दोनों पति-पत्नी राजा और फराह की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई, जबकि उनके नाबालिग बच्चे अफ्शा (8 वर्ष) और आतिफ गिड़गिड़ाते हुए हमलावरों के पैरों में गिरकर अपनी मां-बाप को बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन हमलावरों का दिल नहीं पसीजा।
8 साल की मासूम अफ्शा ने पुलिस को रोते-रोते बताया, छोटे भाई अब्बास की कई दिनों से तबीयत खराब चल रही थी। सुबह पापा काम पर चले गए थे। शाम को घर लौटे तो मम्मी दिन भर अब्बास के पास चारपाई पर बैठी रही थीं। मम्मी-पापा अब्बास की दवाई लेकर आए थे। घर आकर पापा एक चारपाई पर बैठ गए थे, दूसरी चारपाई पर मां अब्बास को गोद में लिए बैठी थीं। मैं और भाई आतिफ घर के बाहर खेल रहे थे। खाना भी अभी नहीं बना था।
अचानक वे लोग हमारे घर में घुस आए और पापा से मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर अब्बास रोने लगा, तो मां ने उसे गोद में उठा लिया और पिता को बचाने के लिए आगे बढ़ीं। हम दोनों भाई-बहन भी अंदर आ गए। उन्होंने पापा पर चाकू से वार करना शुरू कर दिया। मां बचाने आईं तो उन पर भी चाकू से हमला कर दिया। हम दोनों उनके पैरों में गिरकर रोते हुए गिड़गिड़ाए कि ‘अंकल, हमारे मां-बाप को छोड़ दो’, लेकिन उन्हें कोई रहम नहीं आया। वे लगातार चाकू चलाते रहे।
अफ्शा ने आगे बताया, हम दोनों चीख-पुकार मचाते हुए बाहर भागे और पड़ोस में रह रहे चाचा सुहैल और दादा नसीम को बुलाने गए। आस-पड़ोस के लोग भी जमा हो गए, लेकिन तब तक हमलावर मौके से भाग चुके थे।
परिवार की हालत:
राजा और फराह की मौत होने तक हमलावर चाकू से वार करते रहे। दोनों बच्चे इस घटना से इतने सदमे में हैं कि उनकी सिसकियां अब तक नहीं रुक पा रही हैं। छोटा बच्चा अब्बास भी इस पूरे मंजर का गवाह बना, जिसकी तबीयत पहले से ही खराब थी।
पुलिस ने दोनों बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज कर लिए हैं। आरोपियों की पहचान पड़ोसी के बेटे और उसके साथियों के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

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