लखनऊ, 21 अप्रैल 2026: मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश मुख्यालय में कई प्रमुख नेताओं ने पार्टी का दामन थाम लिया। इनमें बसपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एमएच खान, श्यामलाल निषाद, विजय कुमार लाल, अखिलेश पाठक, इशरत अली खान और नीलू सत्यार्थी प्रमुख रूप से शामिल रहे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में इन नेताओं ने औपचारिक रूप से समाजवादी पार्टी जॉइन की। इस मौके पर सीमा राजभर को समाजवादी महिला सभा की नई राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। उन्होंने महिला को मजबूत करने और महिलाओं को सशक्त बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने योगी सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सुबह हुई भाजपा की पदयात्रा पर चुटकी लेते हुए कहा इतनी धूप में बिना चश्मा लगाए पद यात्रा की गई। पहली बार कोई सरकार अपने ही बिल पर इतनी मेहनत कर रही है। अब जब भाजपा जाएगी तो फिर कभी नहीं आएगी।
अखिलेश यादव ने एक चायवाले युवा (फतेहपुर के आर्यन यादव) का जिक्र करते हुए कहा कि “हमें एक चायवाले लड़के ने चाय क्या बनाकर पिला दी, उसकी दुकान ही बंद करा दी गई। ये लोग किसी को रोजगार तो दे नहीं पा रहे, कम से कम कोई था जो कह रहा था कि हमसे अच्छी चाय कोई नहीं बना पाता। शायद यही बात उन्हें बुरी लग गई।
महिला आरक्षण बिल पर हमला
अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल (131वां संशोधन) पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बिल पहले ही पास हो चुका है, लेकिन इस बार भाजपा की “बदनीयती” काम नहीं आई। उन्होंने भाजपा को “दरारवादी” और “संघी साथियों” वाला बताया और आरोप लगाया कि इनके मंसूबे विफल हो गए।आरक्षण से पहले संरक्षण की जरूरत है।सीएम योगी के बयान “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” पर चुटकी ली और कहा, “ये शायद वनस्पति का असर है।”
अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं को सम्मान देने के बजाय उन्हें मात्र “नारा” बनाना चाहती है और समाज में फूट डालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण का लागू होना जाति जनगणना के बाद ही होना चाहिए ताकि पिछड़ी और दलित महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
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