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तड़पता रहा मरीज, डॉक्टर साहब बने रहे नबाब।

- जिला अस्पताल में देखने को मिली बड़ी स्वास्थ्य संबंधी अनियमितताएं 


पीलीभीत - पीलीभीत जिले के सरेंदा पट्टी निवासी मोरपाल पुत्र राम सिंह अपने इलाज के लिए जिला अस्पताल  आया जहां पर उसने डॉक्टर से कहकर भर्ती करवायी।भर्ती करवाने के बाद डॉक्टरों ने उसे ट्रीटमेंट नहीं किया ।

आपको बता दें कि मोरपाल दिमाग से कमजोर है जिसका पैर कटा हुआ था पैर में कीटाणु पड़ गए थे ।जख्म गहरा होने से उसका पैर सड़ने लगा जिस पर डॉक्टरो से कहने के बाद भी उसे ट्रीटमेंट नहीं दिया गया ।डॉक्टरों ने अपने रजिस्टर में उसका नाम अंकित कर अपनी कार्रवाई पूरी कर ली। लेकिन जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसके पैर का इलाज नहीं किया। 

इलाज ना करने पर मोरपाल अस्पताल के गेट पर आकर बैठ गया वहां मौजूद लोगों ने बताया कि यह व्यक्ति 24 घंटे से अस्पताल के गेट पर अपना इलाज करवाने के लिए बैठा है। लेकिन इस व्यक्ति की तरफ ना तो किसी ने ध्यान दिया और ना ही इसके इलाज के लिए कोई डॉक्टर ने आकर देखा ।जबकि जिला अस्पताल के रजिस्टर में नाम अंकित है जिसमें लिखा गया है की मोरपाल पुत्र राम सिंह को जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया ।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की जब तीमारदार अस्पताल में भर्ती है तो वह बाहर कैसे चला गया ।इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि डॉक्टर की लापरवाही इस बात का सबूत है की डॉक्टर लोग अस्पताल के मरीजों पर पूरी तरह से ध्यान नहीं दे पा रहे हैं ।

आज जब कुछ मीडिया कर्मियों ने इस युवक को बाहर अस्पताल के गेट पर रोते हुए देखा तब मीडिया कर्मियों ने पूरी जानकारी प्राप्त की।और बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष एल पी सागर तथा भारतीय जनता पार्टी प्रदेश महामंत्री संतराम ने  उसका पता पूछ कर जानकारी की। तब उसने बताया मेरा पैर कट जाने के कारण सड़ने लगा है ।लेकिन मेरा जिला अस्पताल में कोई इलाज नहीं कर रहा है ।

जिस पर जिला अस्पताल के CMS से एल पी सागर  ने बात की और उसके ट्रीटमेंट के लिए कहा ।लेकिन डॉक्टरों ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि यह अस्पताल से भाग गया है लामा हो गया है ।जिसके कारण हम इलाज करने में असमर्थ हो गए हैं ।

सत्यता तो यह है की इस युवक का डॉक्टरों ने इलाज किया ही नहीं ना ही पट्टी की और ना ही उसे किसी प्रकार की दवाई दी ।जब लोगों ने देखा की युवक की हालत गंभीर है तब विरोध करने पर डॉक्टर ने अस्पताल के बाहर गेट पर फोर्थ क्लास के कर्मचारी भेज कर बाहर पट्टी करवायी।लेकिन उसके पैर की साफ सफाई अच्छी तरह से नहीं की गई।जिला अस्पताल पीलीभीत में डॉक्टर की चल रही है मनमानी ।ऐसे में मालूम होता है कि डॉक्टर लोग अन्य मरीजों के साथ में भी ऐसा ही व्यबहार करते होंगे। 

मोरपाल को बगैर डिस्चार्ज किए डॉक्टरों ने लामा घोषित कर दिया ।अपनी जिम्मेदारी निभाने की बजाए अपने बचाव के नए नए तरीके ढूंढने लगे।ऐसे में आम जनता का क्या हाल होगा।जिला अस्पताल के डॉक्टरों की लापरबाही को दिखाने और उजागर करने के लिये कुछ भाजपा कार्यकर्त्ता बरखेड़ा विधायक को फोन कर बुलाने की कोशिश में जुटे रहे।

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