नई दिल्ली: लोकसभा में बुधवार को NEET पेपर लीक मामले और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने भारी हंगामा किया। संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और मामले पर तुरंत चर्चा कराने की जोरदार मांग रखी।
सदन में हंगामे के दौरान लोकसभा स्पीकर ने कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों को बोलने का मौका दिया, जिससे समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव नाराज हो गए। अखिलेश यादव ने स्पीकर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा, “आपने इनको और उनको बोलने का मौका दे दिया, पर हमारा क्या? आपने समझौता कर लिया क्या?”
अखिलेश यादव ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की भी मांग की।
सरकार तैयार, लेकिन नियमों के तहत
इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सदन में कहा कि संसद में कोई भी चर्चा तय नियमों और व्यवस्था के तहत ही होती है। उन्होंने स्पीकर से अनुरोध किया कि सभी दलों के फ्लोर नेताओं के साथ बातचीत कर चर्चा का समय, नियम और दिन तय किया जाए।
रिजिजू ने कहा, “सरकार NEET और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।”
स्पीकर ने सदन के सदस्यों से पूछा कि क्या सभी की बातें उन तक पहुंच गई हैं। उन्होंने विपक्ष से यह भी पूछा कि इस मुद्दे पर कब और कितनी देर तक चर्चा करनी है। सरकार चर्चा के लिए तैयार बताई गई।
NEET पेपर लीक मामले ने पूरे देश में छात्रों में आक्रोश पैदा कर दिया है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर है, जबकि सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए चर्चा के लिए अपनी तैयारियों का ऐलान किया है।
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