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अयोध्या : राम मंदिर ट्रस्ट में दान गबन का मामला , 10-12 लाख रुपये बरामद, ट्रस्ट ने सीएम योगी से SIT गठन की मांग की - INA NEWS

अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान राशि के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। ट्रस्ट ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है।

मामले की सबसे चिंताजनक बात यह है कि कथित तौर पर मंदिर परिसर से लंबे समय तक धनराशि बाहर जाती रही, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को इसकी कोई जानकारी नहीं हो सकी। जांच में सुरक्षा तंत्र, सीसीटीवी कवरेज, निगरानी व्यवस्था और प्रवेश-निकास प्रणाली में हुई चूक की भी पड़ताल की जाएगी। यदि लापरवाही या मिलीभगत सामने आई तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

छापेमारी में 10-12 लाख बरामद
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव में आरोपी लवकुश मिश्रा के घर छापेमारी की गई। यहां से 10 से 12 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। लवकुश मिश्रा (27 वर्ष) राम मंदिर में कर्मी के रूप में कार्यरत था। उस पर दानपात्र के चढ़ावे के पैसे गबन करने का आरोप है।

आरोपी के परिवार का दावा
लवकुश के पिता बच्चूलाल मिश्रा ने बताया कि ट्रस्ट के तीन-चार लोग उनके घर पहुंचे और ताला तोड़कर नकदी अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा,
"हमें इस धन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि हम गाजियाबाद में रह रहे थे। फैजाबाद में बन रहे मकान से हमारे बेटे का कोई संबंध नहीं है। हमने 10-12 बीघा खेत गिरवी रखकर मकान बनवा रहा हूं।”

बच्चूलाल ने आगे बताया कि लवकुश पहले कार मिस्त्री का काम करता था। राम मंदिर में नौकरी रवि मिश्रा (समधी) के माध्यम से मिली थी। पिछले 5-6 महीने से वह मंदिर में काम कर रहा था।

जांच के दायरे में सुरक्षा व्यवस्था
ट्रस्ट अब इस बात की भी जांच कराएगा कि सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी, सीसीटीवी निगरानी और परिसर से धन ले जाने-लाने की प्रक्रिया में कहां चूक हुई। यदि कोई संदिग्ध मिलीभगत सामने आई तो कार्रवाई तय है।

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