मेरठ : आवासीय कॉलोनी निर्माण के लिए राजस्व विभाग की पैमाइश के दौरान खरखौदा पुलिस थाने की जमीन पर बनी जामा मस्जिद का अवैध निर्माण सामने आने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। थाने के इमाम अब्दुल गफ्फार को अवैध निर्माण हटाने का नोटिस जारी कर सात दिन का समय दिया गया है।
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर खरखौदा पुलिस ने शनिवार को इमाम अब्दुल गफ्फार को नोटिस थमा दिया। नोटिस में कहा गया है कि यदि सात दिन में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो पुलिस-प्रशासन खुद भूमि को कब्जा मुक्त कराएगा।
अभिलेखों में थाने का नाम
राजस्व विभाग के अभिलेखों के अनुसार, खसरा नंबर 1217 में करीब 6450 वर्ग मीटर जमीन लगभग 1400 साल से थाने के नाम दर्ज है। थाना मेरठ-बुलंदशहर मार्ग पर स्थित है, जो आजादी से पहले अंग्रेजी काल में बना था। पैमाइश के दौरान पता चला कि थाने की इस जमीन पर बाद में अवैध रूप से जामा मस्जिद का निर्माण कर लिया गया।
पुलिस ने इमाम अब्दुल गफ्फार को बुलाकर दस्तावेज मांगे, लेकिन उन्होंने कोई ठोस साक्ष्य नहीं पेश किए। इसके बाद अवैध निर्माण हटाने का नोटिस जारी किया गया।
इमाम का दावा
इमाम अब्दुल गफ्फार ने दावा किया है कि वर्ष 1985 में मस्जिद की जमीन वक्फ बोर्ड के नाम हो गई थी और इसके प्रमाण उनके पास हैं। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने निर्माण हटाने से इनकार कर दिया है।
अधिकारी का बयान
किठौर के सीओ प्रमोद कुमार सिंह ने कहा, “अभिलेखों में वह जमीन थाने के नाम करीब 1400 साल से दर्ज है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार थाने की जमीन पर ही अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण किया गया है। वैधानिक कार्रवाई करते हुए इमाम को नोटिस देकर सात दिन में अवैध निर्माण हटाने के लिए कहा गया है।”
पुलिस के अनुसार, यदि इमाम नोटिस का पालन नहीं करते हैं तो प्रशासनिक कार्रवाई कर निर्माण हटाया जाएगा और जमीन थाने के कब्जे में ली जाएगी।
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