लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोकभवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में आयुष विभाग, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग तथा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के 481 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा, “पूरी प्रक्रिया में किसी को कहीं भी सिफारिश कराने की नौबत नहीं आई। परीक्षा के बाद भी किसी स्तर पर सिफारिश या अनैतिक साधनों का उपयोग करने की कोई गुंजाइश नहीं रही। इसी साफ नीयत और स्पष्ट नीति का परिणाम है कि आज आपको नियुक्ति पत्र प्राप्त हो रहा है।”
पहले और अब की तुलना
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले भर्तियां पैसों, जाति, मत, मजहब और क्षेत्र देखकर होती थीं, जिससे योग्य युवाओं का शोषण होता था। लेकिन अब योग्यता ही चयन का един आधार है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी योग्य अभ्यर्थी की जगह घूसखोर व्यक्ति सिस्टम में घुस जाता, तो वह अगले 30-35 वर्षों तक पूरे सिस्टम को घुन की तरह खोखला कर देता।
सरकार ने पहले दिन से ही भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और लीकेज की हर संभावना को समाप्त करने का संकल्प लिया है।
आयोगों की सराहना
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि जवाबदेही, तकनीकी और पारदर्शिता के कारण आज उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक नियुक्तियां देने वाला राज्य बन चुका है।
कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों और चयनित अभ्यर्थियों के अलावा बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

0 Comments
Welome INA NEWS, Whattsup : 9012206374