आगरा: आगरा के सदर थाना क्षेत्र में दो सगी बहनों के धर्मांतरण और अपहरण के मामले में पकड़े गए गिरोह का नया शिकार सामने आया है। करीब नौ महीने बाद राजस्थान की एक सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) की पढ़ाई कर रही छात्रा ने गिरोह पर ब्रेनवॉश कर फंसाने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, समय रहते गिरोह पकड़े जाने के कारण छात्रा बच गई, वरना उसे दिल्ली से कोलकाता भेजने की तैयारी चल रही थी।
छात्रा ने बताया कि गिरोह की सदस्य गोवा की आरोपी आयशा ने सोशल मीडिया के जरिए उसे जाल में फंसाया। आयशा ने उसके ब्रेनवॉश के साथ-साथ उसके बैंक खाते में पैसे भी ट्रांसफर किए। योजना के मुताबिक उसे पहले जयपुर से दिल्ली ले जाना था, वहां कलमा पढ़ाने के बाद कोलकाता भेज दिया जाता। लेकिन जुलाई 2025 में आगरा पुलिस द्वारा गिरोह का खुलासा होने से वह इस साजिश से बच गई।
दो बहनों का मामला
जुलाई 2025 में आगरा सदर थाना क्षेत्र की दो सगी बहनों के लापता होने की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की थी। छह राज्यों (उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, गोवा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल) में एक साथ दबिश दी गई और 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया। दोनों बहनों को कोलकाता के मुस्लिम बहुल इलाके तपसिया से मुक्त कराया गया था। पुलिस जांच में पता चला कि कश्मीरी युवतियों ने उन्हें जाल में फंसाया और ब्रेनवॉश किया था।
पुलिस ने छह युवतियों के कोर्ट में बयान भी दर्ज कराए थे। जांच से सामने आया कि अलग-अलग प्रदेशों और जिलों की युवतियां इस गिरोह के निशाने पर थीं।
छात्रा का बयान और पुलिस की जांच
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन क्षेत्र की यह युवती सीए की पढ़ाई कर रही है। गिरोह पकड़े जाने के बाद पुलिस की जांच में उसके मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की पड़ताल के दौरान उसका नाम सामने आया। पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क किया, जिससे पूरे परिवार में हड़कंप मच गया।
युवती अब गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।
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