पीलीभीत, 20 अप्रैल 2026: पीलीभीत जिले के बरखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में चिकित्सकीय लापरवाही का एक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने के बाद भी जनरेटर न चलाए जाने से एक नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि बिजली कटने के बावजूद स्टाफ ने जनरेटर शुरू नहीं किया और बच्चे को समय पर बड़े अस्पताल रेफर भी नहीं किया।
ग्राम जिओरहा कल्यानपुर निवासी सुनील कुमार ने अपनी पत्नी गीता देवी को 19 अप्रैल (रविवार) रात करीब 9 बजे प्रसव के लिए बरखेड़ा सीएचसी में भर्ती कराया था। प्रसव के बाद नवजात शिशु को ऑक्सीजन दी जा रही थी, लेकिन मात्र पांच मिनट बाद ही अस्पताल की बिजली चली गई।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने बार-बार जनरेटर चलाने की गुहार लगाई, लेकिन ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स मधु भारतीय और निशा ने यह कहकर मना कर दिया कि जनरेटर की कोई व्यवस्था नहीं है। अंधेरे में ऑक्सीजन न मिलने के कारण नवजात शिशु ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि स्टाफ ने प्रसूता की ठीक से देखभाल नहीं की। रात 9 बजे से 2 बजे तक परिजनों को अंदर जाने नहीं दिया गया और मरीज की स्थिति बिगड़ने पर उसे किसी बेहतर अस्पताल में रेफर भी नहीं किया गया। साथ ही सुनील कुमार से ही सफाई का काम (सीपीआर और पाइप से गंदगी साफ करना) करवाया गया, जबकि यह स्टाफ की जिम्मेदारी थी।
नवजात की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने रात 2 बजे से सुबह 11 बजे तक लगभग 9 घंटे तक शिशु का शव अस्पताल परिसर में ही रख दिया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को लिखित शिकायत दी है और दोषी डॉक्टर, नर्स तथा अन्य स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक कार्रवाई
इस घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है। सीएमओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अभी तक अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।


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