लखनऊ (उत्तर प्रदेश): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब उत्तर प्रदेश के सभी किसान बिना फार्मर रजिस्ट्री के भी सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकेंगे।
किसानों को हो रही असुविधाओं को देखते हुए यह राहत दी गई है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को इस फैसले को तत्काल लागू करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
गेहूं की खरीद का मौसम चल रहा है और कई किसान फार्मर रजिस्ट्री न होने के कारण परेशानी का सामना कर रहे थे। खासकर चकबंदी वाले गांवों के किसानों को दिक्कत हो रही थी। नए फैसले से अब वे बिना किसी रुकावट के MSP पर अपनी उपज बेच सकेंगे।
सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी किसान गेहूं बेचने से वंचित न रहे। हालांकि, 31 मई 2026 के बाद फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य हो जाएगी, जिसके बाद सरकारी योजनाओं और MSP लाभ के लिए रजिस्ट्री जरूरी होगी।
किसानों के लिए फायदे:
बिना रजिस्ट्री के भी गेहूं की खरीद होगी
MSP पर उचित मूल्य मिलेगा
क्रय केंद्रों पर तत्काल सुविधा उपलब्ध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम किसान हितैषी नीतियों को और मजबूत करता है। प्रदेश में गेहूं खरीद 30 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है और 15 जून 2026 तक चलेगी।
इस फैसले से लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। कृषि विभाग के अधिकारी अब सभी केंद्रों पर इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने में जुट गए हैं।
सरकार का संदेश:
किसान भाइयों, अपनी उपज लेकर बिना किसी चिंता के नजदीकी क्रय केंद्र पर पहुंचें। सरकार आपके साथ है।

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