लखनऊ, 19 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने संयुक्त पत्रकार वार्ता की। इस दौरान दोनों नेताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों (कांग्रेस, सपा, आरजेडी, तृणमूल, डीएमके आदि) पर तीखा हमला बोला।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) तुष्टिकरण की राजनीति करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा मुस्लिम बहनों के लिए आरक्षण की मांग करती है, जबकि भारतीय संविधान किसी भी धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता।
उन्होंने कहा, “नारी शक्ति वंदन अधिनियम के दिन विपक्ष ने महिलाओं की अपेक्षाओं में पानी फेर दिया। उस दिन को उन्होंने ‘काला दिन’ बना दिया। इसके विरोध में महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। आने वाले समय में महिलाएं वोट की ताकत से विपक्ष को सबक सिखाएंगी।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का जिक्र करते हुए कहा कि देश में चार ही जातियां हैं— नारी, युवा, गरीब और किसान। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिवाद के नाम पर देश को लूटने वालों के लिए यह प्रोग्रेसिव कदम एक चुनौती था, इसलिए कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों ने इसका विरोध किया।
सीएम योगी ने कहा, “आधी आबादी के मन में विपक्ष के इस नारी-विरोधी आचरण को लेकर भारी आक्रोश है। कांग्रेस, सपा, आरजेडी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके जैसे दल जो इस पाप में भागीदार थे, उनसे महिलाएं बेहद आक्रोशित हैं। ये लोग सुधारवादी कदमों के बैरियर बनकर षड्यंत्र करते हैं।”
महिला आरक्षण बिल पर स्पष्टीकरण
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि महिला संगठनों ने बिल को 2023 के बजाय 2029 में लागू करने की मांग की थी। सरकार ने विशेष अधिवेशन बुलाकर इसे पास किया। कुछ राज्यों द्वारा अपने हक कम होने की चिंता जताए जाने पर प्रधानमंत्री ने फैसला किया कि किसी का हक नहीं मारा जाएगा, इसलिए लोकसभा और विधानसभाओं में सीटें बढ़ाने का प्रावधान किया गया।
सीएम ने कहा, “2011 की जनगणना के आधार पर उत्तर और दक्षिण राज्यों में सीटें बढ़नी थीं, जिससे महिलाओं को उनका स्वाभाविक अधिकार मिलता। संसद का विशेष अधिवेशन इसी उद्देश्य से हुआ था। सभी राज्यों में सीटें समान अनुपात में बढ़ाई गईं— न उत्तर के राज्यों का हक मारा गया, न दक्षिण के।”
सपा पर मुस्लिम आरक्षण का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि संसद में इंडी गठबंधन का व्यवहार “द्रौपदी का चीरहरण” जैसा था। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि वह मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग कर रही है, जबकि संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने स्पष्ट रूप से कहा था कि एक बार विभाजन हो चुका है, दोबारा धर्म के आधार पर विभाजन नहीं हो सकता।
सीएम ने जोर देकर कहा कि संविधान किसी भी धर्म के आधार पर आरक्षण की इजाजत नहीं देता। सपा और अन्य विपक्षी दल बाबासाहेब की भावना के विपरीत काम कर रहे हैं।
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