लखनऊ, 18 अप्रैल 2026: संसद में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पारित न हो पाने को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। शुक्रवार देर रात उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भाजपा नेता अपर्णा यादव ने विधान भवन के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के झंडे जलाकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
अपर्णा यादव ने कहा कि वर्षों से लंबित महिला आरक्षण बिल पास न होने से महिलाओं को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह बिल अटका हुआ है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने महाभारत के दुर्योधन और दुशासन का जिक्र करते हुए कहा, “यह काली रात है, जिसमें महिलाओं के सम्मान पर चोट की जा रही है। एक नारी होकर अगर मैं चुप रह जाती तो मेरी अंतरात्मा मुझे कभी माफ नहीं करती।” उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाली पार्टियां भी खत्म हो जाएंगी।
राज्य महिला आयोग की सदस्यों ने समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया। महिला आयोग की ओर से शनिवार को बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है।
अखिलेश यादव का पलटवार
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सपा मुख्यालय पर हुए प्रदर्शन पर तंज कसते हुए कहा, “भाजपा वाले लगभग 12 करोड़ महिलाओं वाले उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन करने के लिए कम से कम 12 महिलाओं को तो भेजते।”
उधर, उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना जरूरी है और भाजपा इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
महिला आरक्षण बिल को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। भाजपा इसे विपक्ष की महिला विरोधी मानसिकता बता रही है, जबकि विपक्ष बिल के क्रियान्वयन में जाति जनगणना और परिसीमन की मांग पर अड़ा हुआ है।
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