लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में 22 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इनमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी का है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा पर मुहर लगाते हुए कैबिनेट ने शिक्षामित्रों का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह और अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय ₹9,000 से बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह कर दिया है। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से 1,29,332 शिक्षामित्रों का मानदेय केंद्र सरकार के समग्र शिक्षा अभियान के तहत 60:40 अनुपात में प्राप्त होता था। केंद्र से अनुमोदन न मिलने की स्थिति में अतिरिक्त ₹1,138.12 करोड़ का व्यय राज्य सरकार वहन करेगी। शेष 13,597 शिक्षामित्रों के लिए ₹119.65 करोड़ का अतिरिक्त भार भी राज्य सरकार उठाएगी।
अंशकालिक अनुदेशकों की बात करें तो प्रदेश के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 24,717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं। इनके मानदेय में वृद्धि से राज्य सरकार पर ₹217.50 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। कुल मिलाकर इस फैसले से सरकार पर ₹1,475.27 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त वार्षिक व्यय भार पड़ेगा।
अन्य प्रमुख फैसले:
52 जनपदों में आधुनिक बस अड्डे: पीपीपी मॉडल पर 52 जनपदों में आधुनिक बस स्टैंडों का निर्माण किया जाएगा, जिससे परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी।
महापुरुषों की प्रतिमाओं का सौंदर्यीकरण: बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास, कबीर, ज्योतिबा फुले, महर्षि वाल्मीकि समेत अन्य महापुरुषों की मूर्तियों का व्यापक सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इससे सांस्कृतिक विरासत को मजबूती मिलेगी।
मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि यह फैसला उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र 2026 के प्रथम सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुरूप लिया गया है। बढ़ा हुआ मानदेय वर्ष में 11 माह के लिए देय होगा और मई माह में दिए जाने वाले भुगतान में यह वृद्धि शामिल की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस बढ़ोतरी से लाखों शिक्षा कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। साथ ही बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा मिलेगी।
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