गोरखपुर : फैशन टीवी की ‘एफ बार बाय फैशन टीवी’ फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गैंग का बड़ा खुलासा हुआ है। रामगढ़ताल पुलिस ने शुक्रवार को मुंबई से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों में खुद को कंपनी का प्रबंध निदेशक बताने वाले काशिफ खान उर्फ कशीफ सरदार हाशिम खान मलिक, ऑपरेशन हेड कृष्णा देवी और वित्त नियंत्रक नवीन आहूजा उर्फ नवीन सर आहूजा शामिल हैं। पुलिस टीम आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर ला रही है और जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश करने का दावा कर रही है।
मामले की शिकायत शिवपुर कॉलोनी निवासी जूही सिंह (पत्नी राकेश सिंह) ने की थी। जूही सिंह पार्क हॉस्पिटैलिटी नामक फर्म चलाती हैं, जिसमें वैभव मणि त्रिपाठी और करुणेश प्रताप शाही अंशधारक थे।
आरोप है कि वैभव मणि त्रिपाठी ने खुद को फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताते हुए जूही सिंह और उनके पति को कानपुर व गोरखपुर में ‘एफ बार बाय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का लालच दिया। इसके नाम पर अलग-अलग किस्तों में नकद और बैंक ट्रांसफर के जरिए करीब एक करोड़ रुपये ठगे गए। यह राशि फ्रेंचाइजी फीस, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेटअप तैयार कराने के नाम पर ली गई।
जांच में पता चला कि न तो कोई फ्रेंचाइजी दी गई, न ही कोई वैध अनुबंध का पालन हुआ। जब जूही सिंह ने फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया तो कंपनी ने किसी भी प्रकार के अनुबंध या भुगतान से इनकार कर दिया। प्रस्तुत अनुबंध पत्र में फर्जी हस्ताक्षर पाए गए, जिसकी पुष्टि हस्तलेखन विशेषज्ञ की रिपोर्ट से हुई।
जब जूही सिंह ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों की ओर से जान-माल की धमकी दी गई।
पुलिस ने फरवरी में वैभव मणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पूछताछ में वैभव ने मुख्य सूत्रधारों काशिफ खान, कृष्णा देवी और नवीन आहूजा के नाम उजागर किए। इसके आधार पर रामगढ़ताल पुलिस की टीम मुंबई पहुंची और 1 अप्रैल को तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
एक महिला कर्मचारी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
पुलिस का कहना है कि यह ठगी सिर्फ गोरखपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में कई लोगों को इसी गैंग ने फ्रेंचाइजी के नाम पर ठगा है। गिरफ्तार आरोपियों से विस्तृत पूछताछ के बाद अन्य मामलों का भी खुलासा होने की संभावना है।
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