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सलमान का ऑफर ठुकराने वाली श्रद्धा की ये हैं 10 अनसुनी कहानियां

DESK : हिंदी सिनेमा की खूबसूरत अभिनेत्री श्रद्धा कपूर को हैदर, आशिकी 2, स्त्री जैसी कई फिल्मों में बेहतरीन अभिनय के लिए जाना जाता है। स्टार किड होने के बावजूद उनकी गिनती ऐसे कलाकारों में होती है, जो अपने हुनर के दम पर आगे बढ़े हैं। 2016 में फोर्ब्स एशिया की 30 साल से कम उम्र की 30 दमदार महिलाओं की सूची में शामिल रहीं श्रद्धा को अपने काम के लिए अब तक अलग-अलग कैटेगरी में 29 अलग-अलग पुरस्कारों के लिए नामित किया जा चुका है।  

  • आज उनके जन्मदिन पर पेश हैं कुछ ऐसी ही अनसुनी कहानियां।


श्रद्धा ने 2010 में आई फिल्म 'तीन पत्ती' से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका में हैं। 'तीन पत्ती' ने कुछ बहुत बड़ा काम नहीं किया, और ना ही इस फिल्म में श्रद्धा को बहुत सराहा गया। क्योंकि उनका किरदार बहुत ही छोटा था। यहां खास बात यह है कि अमिताभ बच्चन श्रद्धा कपूर के पसंदीदा कलाकार हैं, और उनके करियर की शुरुआत भी अमिताभ बच्चन के साथ हुई है। 


श्रद्धा के पिता शक्ति कपूर भी एक फिल्मी कलाकार हैं। इसलिए उनका रहना भी मुंबई में ही हुआ, और श्रद्धा का जन्म मुंबई में हुआ। श्रद्धा का ननिहाल मराठी परिवार में है, इसलिए श्रद्धा की परवरिश भी मराठियों जैसी हुई है। वह धड़ल्ले से मराठी बोलती हैं और फिल्मों की शूटिंग के दौरान इसीलिए वह जल्द ही सहायक कलाकारों और कर्मचारियों से बहुत जल्दी घुल मिल जाती हैं।

श्रद्धा कपूर बचपन में जब खेलने निकलती थीं लोग उन्हें लड़का ही समझते थे। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी बोलचाल और हाव भाव भी लड़कों जैसे ही होते थे। वह सबसे ज्यादा लड़ाई भी लड़कों के साथ ही करती थीं। रिश्तेदारों के बीच भी उन्हें पहचानने में कई बार लोगों को बहुत दिक्कत होती थी।

श्रद्धा बचपन से ही कलाकार बनना चाहती थीं। वह अपने माता और पिता के कपड़े पहन कर हिंदी फिल्मों के बोले हुए संवादों को दोहराती थीं। शीशे के सामने खड़े होकर एक्टिंग करने की कोशिश करतीं, साथ ही उन्हें नाचने का भी बहुत शौक था। वह अपने पिता के साथ उनके सेट पर शूटिंग देखने के लिए भी जाया करती थीं।

श्रद्धा की निर्देशक डेविड धवन के बेटे वरुण धवन से पहली मुलाकात ऐसी ही एक फिल्म की शूटिंग के दौरान ही हुई। दोनों एक दूसरे के साथ खेलते खेलते दोस्त बन गए। दोनों एक टॉर्च को कैमरा बनाते और उसके सामने बारी-बारी से हिंदी फिल्मों के संवादों का अभ्यास करते। गोविंदा के गानों पर दोनों साथ में डांस भी किया करते थे।

श्रद्धा का शुरुआती पढ़ाई मुंबई के जमनाबाई नरसी स्कूल से हुई लेकिन 15 साल की उम्र में उन्हें अमेरिकन स्कूल ऑफ बॉम्बे में दाखिला दिलवा दिया गया। वहां उनकी मुलाकात सुनील शेट्टी की बेटी अथिया शेट्टी और जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ से हुई। श्रद्धा यहां फुटबॉल और वॉलीबॉल के खेल में हिस्सा लिया करती थीं। 

आथिया, श्रद्धा और टाइगर तीनों ही पूरे स्कूल में सभी की नजरों में रहा करते थे। तीनों ही आपस में एक दूसरे के दोस्त थे। एक इंटरव्यू में श्रद्धा और टाइगर ने यह माना कि स्कूल के समय में ये दोनों एक दूसरे को पसंद किया करते थे। लेकिन दोनों में से किसी ने भी यह कहने की हिम्मत नहीं जुटाई।

श्रद्धा कपूर को मनोविज्ञान का अच्छा ज्ञान रहा है। उनका दाखिला भी बोस्टन यूनिवर्सिटी हुआ लेकिन श्रद्धा ने अपनी पढ़ाई पहले ही साल में छोड़ दी। फिल्म निर्माता अंबिका हिंदूजा ने श्रद्धा को फेसबुक पर देखा। उन्हें श्रद्धा पसंद आईं इसलिए उन्होंने अपनी फिल्म में काम करने के लिए श्रद्धा को भारत बुला लिया। ये फिल्म 'तीन पत्ती' थी जिसमें अमिताभ बच्चन के साथ श्रद्धा को पहला मौका मिला।

फिल्म 'तीन पत्ती' से पहले श्रद्धा को एक और फिल्म ऑफर हुई थी। श्रद्धा जब 16 साल की थी, तब स्कूल के एक नाटक में उसकी प्रस्तुति देखने के बाद सलमान खान ने श्रद्धा को एक फिल्म ऑफर की थी। श्रद्धा तब एक मनोवैज्ञानिक बनना चाहती थी इसलिए उन्होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया।

आपने श्रद्धा का पर्दे पर जितना अच्छा अभिनय देखा है, उतने ही कर्णप्रिय गीत भी सुने होंगे। उनकी आवाज बहुत सुरीली है और वह बचपन से ही गाती रही हैं। इस कपूर परिवार का गहरा नाता मंगेशकर परिवार से भी रहा है, इसलिए सुर तो इनको विरासत में मिले हैं। 

INA NEWS DESK

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