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दोनों टीम के बीच जबरदस्त भिड़ंत मिलेगी देखने को

DESK - भारत का पहला ऑस्ट्रेलिया दौरा आजादी के बाद ही हुआ। दोनों देशों के बीच 70 साल के क्रिकेट इतिहास में ऐसा एक भी मौका नहीं आया जब भारतीय टीम को जीत हासिल हुई हो। हर बार कंगारूओं की धरती पर भारतीय शेर शिकार होकर ही स्वदेश लौटते हैं।

ऐसे में इस बार कमजोर नजर आ रही मेहमान टीम का शिकार कर कप्तान विराट कोहली अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराना चाहेंगे। जबकि डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ की गैरमौजूदगी में ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरे दमखम के साथ पलटवार करेगी। 

ऐसे में दोनों टीम के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखने को मिलेगी। इसके पहले हमने आपसे गेंदबाजों के बारे में बात की थी। आइए अब भारत-ऑस्ट्रेलिया के उन बल्लेबाजों पर एक नजर डालते हैं, जो इस सीरीज में अपनी-अपनी जीत-हार में अहम भूमिका निभाएंगे।

विराट कोहली
(भारत)

दक्षिण अफ्रीका और फिर इंग्लैंड की सरजमीं में हार का स्वाद चखने के बाद विराट ऑस्ट्रेलिया में हर हाल में जीत चाहेंगे। भारतीय कप्तान साल 2018 की आखिरी सीरीज को जीतकर 2019 का स्वागत करने के इरादे से छह दिसंबर से शुरू हो रहे पहले टेस्ट में उतरेंगे। 

30 वर्षीय कप्तान का बल्ला अगर चला तो वे इस साल का पांचवां शतक एडिलेड में बनाएंगे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विराट का बल्ला कुछ ज्यादा ही रंग में नजर आता है।

पृथ्वी शॉ (भारत)

19 वर्षीय इस युवा सनसनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखते ही तबाही मचा दी थी। महज दो टेस्ट का अनुभव रखने वाले इस 'छोटा पैकेट बड़ा धमाका' खिलाड़ी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में चोटिल होकर बाहर जाना पड़ा था।

दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू टेस्ट और फिर दूसरे मैच में जैसा खेल दिखाया था, वहीं से ऑस्ट्रेलिया के लिए उनकी सीट पक्की हो गई थी। फिल्डिंग करते वक्त बदकिस्मती से उनकी एड़ी में चोट लगी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि दूसरे टेस्ट में जरूर इस दाएं हाथ के बल्लेबाज का खेल देखने का मौका मिला।

उस्मान ख्वाजा (ऑस्ट्रेलिया)

इस खिलाड़ी की प्रतिभा पर किसी को शक नहीं होना चाहिए। टेस्ट सीरीज के सर्वोच्च रन स्कोरर की दौड़ के अहम प्रतिभागी समझे जा रहे ख्वाजा की बल्लेबाजी की चर्चा दोनों देशों में हैं।

बेहतर शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील न कर पाने के लिए बदनाम इस खब्बू बल्लेबाज ने अब खुद को खूब निखारा है। पाकिस्तान के खिलाफ दुबई में खेली गई पिछली टेस्ट सीरीज में ख्वाजा ने सभी का दिल जीता।

पहले टेस्ट में अहम 141 के बूते ही ऑस्ट्रेलिया हार के मुंह से निकलकर ड्रॉ खेल पाया था। दूसरे टेस्ट में इंजरी के चलते खेल में वह पैनापन नहीं दिखा। मगर भारतीय गेंदबाज उन्हें हल्के में लेने की गलती नहीं करेंगे।

चेतेश्वर पुजारा (भारत)

टेस्ट क्रिकेट में भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक चेतेश्वर पुजारा ऑस्ट्रेलिया दौरे में बेहद अहम साबित होंगे। घर से बाहर खेले गए 28 टेस्ट में पुजारा ने 35.91 की औसत से 1,688 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 5-5 शतक और अर्धशतक भी लगाए। 

ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने एक भी शतक नहीं लगाया और इंग्लैंड दौरे में भी फ्लॉप ही साबित हुए थे। भारतीय टीम काउंटी क्रिकेट में उनके अनुभव का फायदा यहां उठाना चाहेगी।

मिचेल मार्श (ऑस्ट्रेलिया)

एशेज सीरीज में अपने जबरदस्त खेल के लिए अलग पहचान बनाने वाले मिचेल मार्श पाकिस्तान के खिलाफ रंग में नजर नहीं आए। टीम पेन के बाद ऑस्ट्रेलियाई खेमे में सबसे अहम पद रखने वाले मार्श को अपने बल्ले से कुछ ऐसा करना होगा कि ऑस्ट्रेलिया मेहमान टीम के पैर ही जमना न दें।

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