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आखिर क्यों हो जाते है महिलाओं के स्तन ढीले

Dr. Khushi Ahuja :

इंटरनेट डेस्क - महिलाएं अपनी बॉडी के हर अंग का ख्याल रखती है। महिला अपने स्तनों से खूबसूरत लगती है और वो अपने स्तनों से बहुत प्यार करती है। लेकिन मां बनने के बाद कई महिलाओं के स्तन ढीले और बेडौल हो जाते है। जिसका कारण महिलाएं स्तनपान को मानती हैं। परंतु, विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ स्तनपान को बेडौल का कारण नहीं माना जा सकता, ऐसी और भी कई वजहें और कारण हो सकते है

स्तनपान कराने के बहुत फायदे हैं यह तो आपको पता ही है यह बच्चे को सेहतमंद बनाता है। मगर, स्तनों के आकार को न बिगाडऩे के चक्कर में कई माएं बच्चे को स्तनपान नहीं करता और बाहर का दूध पिलाती हैं। जिससे बच्चे का अच्छे से विकास नहीं हो पाता आई कई नुकसान भुगतने भी पड़ते हैं 

लेकिन आपके स्तन की खूबसूरत सिर्फ ब्रेस्टफीडिंग से ही नहीं बिगड़ती बल्कि आपकी कुछ और गलतियों की वजह से भी बिगड़ती है। 

तो आईये जानते है वो कारण जिससे स्तनों में ढीलापन आता है-



* एक अध्ययन में उन महिलाओं के स्तनों में कोई अंतर नहीं पाया गया जो स्तनपान कराती हैं और जो फिगर को बनाए रखने के लिए बच्चे को फॉर्मूल फीडिंग करवाती हैं। उस स्टडी में निष्कर्ष निकाला गया कि स्तनपान किसी भी रूप में महिलाओं के स्तनों के आकार को प्रभावित नहीं करता।

* विशेषज्ञों का एक अवलोकन यह भी रहा कि स्तनपान से स्तन की त्वचा और भी सेहतमंद होती है।

* स्तनपान की बजाय महिला की प्रेगनेंसी, स्तनों को प्रभावित करती है। प्रेगनेंसी के दौरान दूध उत्पादन शुरू हो जाता है। जिससे स्तनों का आकार बदलने लग जाता है।

* जब आपका वजन बढ़ता है तो छाती के आसपास के लिगामेंट में थोड़ा खिंचाव आता है और यही स्तनों को ढीला बनाता है।

* आपके स्तनों के आकार, आकार और दृढ़ता में भी आनुवांशिक कारकों की भूमिका होती है।

* दूसरे कारण जैसे उम्र, कई गर्भधारण, धूम्रपान जैसी आदत, शरीर की चर्बी और आपकी गतिविधि का स्तर भी स्तनों के आकार को प्रभावित करता है।

* ब्रेस्टफीडिंग से ब्रेस्ट कैंसर और रजोनिवृत्ति से पहले डिम्बग्रंथि के कैंसर का खतरा भी कम होता है।

* धूम्रपान से भी स्तनों पर काफी गहरा प्रभाव पड़ता है इससे स्तन ढीले और बेड़ौल हो जाते है।

* धूम्रपान छोडऩा, बढ़ते वजन पर नियंत्रण करना, नियमित रूप से व्यायाम करना, सही आंतरिक वस्त्र पहनना और स्तनों को मॉइस्चराइज करने से भी इन्हें बेडौल होने से बचाया जा सकता है। लेकिन ये सब डॉक्टर की सलाह से ही करें।

INA NEWS DESK

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