नई दिल्ली - भारतीय महिला बॉक्सर एम सी मैरीकॉम ने महिला विश्व चैंंपियनशिप 2018 का खिताब अपने नाम किया। मैरीकॉम ने 48 किलोग्राम भारवर्ग में यूक्रेन की हना ओखोटा को हराकर ये उपलब्धि हासिल की। फाइनल मैच में मैरीकॉम ने ओखोटा को 5-0 से एकतरफा मुकाबले में हराकर अपने देश को गौरव का ये पल दिया। 35 वर्ष की मैरीकॉम ने पहली बार 16 वर्ष पहले अपना पहला गोल्ड मेडल जीता था।

मैरीकॉम दुनिया की पहली महिला बॉक्सर बन गईं हैं जिन्होंने छह बार विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता है। 
मैरीकॉम की इस उपलब्धि पर उन्हें देश के प्रधानमंत्री ने बधाई दी। 

इससे पहले मैरीकॉम ने वर्ष 2006 में अपने घरेलू दर्शकों के सामने ये खिताब अपने नाम किया था। इसके 12 वर्ष के बाद एक बार फिर से मैरीकॉम ने अपना जलवा दिखाते हुए दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अपने घरेलू दर्शकों से सामने के कमाल की उपबल्धि अपने नाम की। मैरीकॉम इस वक्त 35 वर्ष की हैं जबकि उनकी विरोधी ओखोटा की उम्र 22 वर्ष है। यानी दोनों की उम्र में 13 वर्ष का अंतर है लेकिन मैरीकॉम ने उम्र में इतना फर्क होते हुए भी ओखोटा को तीनों राउंड में ही अपने उपर हावी होने का कोई मौका नहीं दिया। 

मैरीकॉम इससे पहले लगातार पांच बार महिला विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीत चुकी हैं। ये छठा मौका है जब उन्होंने ये उपबल्धि हासिल की है। उन्होंने भारत के लिए लंदन ओलंपिक में 51 किलोग्राम फ्लाइवेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

मैरीकॉम के अब तक के छह गोल्ड मेडल

2001 (पेंसिल्वेनिया) : सिल्वर
2002 (तुर्की): गोल्ड मेडल
2005 (रूस): गोल्ड मेडल
2006 (दिल्ली): गोल्ड मेडल
2008 (चीन): गोल्ड मेडल
2010 (बारबाडोस): गोल्ड मेडल
2018 (दिल्ली): गोल्ड मेडल

मैरीकॉम ने रचा इतिहास

मैरीकॉम का महिला विश्व चैंपियनशिप में ये छठा गोल्ड मेडल रहा। इस स्वर्ण पदक के साथ ही मैरीकॉम ने विश्व मुक्केबाजी में अब तक सबसे ज़्यादा पदक जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले मैरीकॉम और आयरलैंड की केटी टेलर दोनों संयुक्त रुप से पांच स्वर्ण के साथ छह पदक जीत चुकी थी। चूंकि केटी अब प्रोफेशनल बॉक्सर बन गई हैं, 

इस कारण उन्होंने इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया। ऐसे में मैरीकॉम अब विश्व चैम्पियनशिप में सबसे ज्यादा पदक जीतने वाली दुनिया की पहली महिला मुक्केबाज बन गईं हैं।