सरायमीर थाना क्षेत्र के करछा गांव में रविवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई। एक महिला अपने तीन बच्चों को रोले से पोखरी में कूद गई। दुर्घटना में उनके दो मासूम बेटों की डूबने से मौत हो गई, जबकि आठवीं साल की बेटी किसी तरह बंधन से मुक्त होकर बाहर निकल आई और अपनी जान बचा ली। महिला को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती किया गया है।
पुलिस और परिवार के सदस्य जयाप्रदा (26), पत्नी बिंदलेश यादव, रविवार सुबह अपने तीन बच्चों को दवा के बारे में बताए गए घर से बात की। वह सरायमीर वी-मार्ट के पीछे एक पोखरी के पास स्थित है। आरोप है कि वहां उन्होंने अपने तीन बच्चों को नौकरी दी और फिर पोखरी में नौकरी दे दी. इस दौरान उनकी आठ साल की बेटी मानवी किसी तरह के बंधन में सफल रही।
ह्यूमन क्लोज़ थ्रीक्लास पैदल यात्री द्वीप और स्पाइडर-मैन की पूरी घटना की जानकारी दी गई। सूचना सूचना ही क्षेत्र के परिवार के लोग और ग्रामीण मस्जिदें। तब तक राघव (डेढ़ वर्ष) और कृष्ण (तीन वर्ष) की बाढ़ से मृत्यु हो गई थी। रिचार्ज की मदद से महिला को बाहरी अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक जयाप्रदा मूल रूप से दीदारगंज थाना क्षेत्र के खरसन गांव में रहने वाली हैं। जांच से पता चला कि वह करीब 15 दिन पहले अपने तीन बच्चों के साथ वहां गई थी, लेकिन मदरसे से वह कहीं लौट आई। प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे पारिवारिक कलह की आपदा का खतरा सामने आ रहा है। हालांकि पुलिस अन्य उपकरणों की भी जांच कर रही है।
सरायमीर के प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार ने बताया कि सूचना पुलिस कार्यालय तक पहुंच गई है। दोनों बच्चों का सामान व्यवसाय में लेकर के लिए भेज दिया गया है। महिला का अस्पताल में इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि मूर्ति की विधि रिपोर्ट, सिद्धांतों के कथन और अन्य प्रतीकों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है।

0 Comments
Welome INA NEWS, Whattsup : 9012206374