गोरखपुर : राजघाट थानाक्षेत्र के राप्ती नदी किनारे खेलते-खेलते नहाने गए तीन किशोरों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में दो परिवारों के इकलौते बेटे भी शामिल हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में मातम का माहौल छा गया है।
हादसा सोमवार को हुआ, जबकि मंगलवार दोपहर एनडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से तीनों के शव बरामद कर लिए गए। मृतक किशोर डॉक्टर और आईपीएस अधिकारी बनने के सपने देख रहे थे।
मरने वाले किशोर:
अंश उर्फ निक्कू (10वीं कक्षा का छात्र): सुधीर का इकलौता बेटा। मां रेखा ने रोते हुए बताया कि वह बड़ा होकर डॉक्टर बनना चाहता था। परिवार में एक छोटी बहन अंशिका भी है। पिता मजदूरी करके परिवार चलाते हैं।
शक्ति कुमार गौतम (9वीं कक्षा का छात्र): पिता मोहन कुमार गौतम (दिहाड़ी मजदूर), मां सुभावती (घरों में काम करती हैं)। परिवार में एक बहन मोनिका और मझला भाई सागर हैं। शक्ति सुबह से कुछ नहीं खाया था और शाम को मैगी खाने घर आया था। वह अक्सर मां से कहता था- “मैं कुछ बनकर दिखाऊंगा।”
इरफान (10वीं कक्षा का छात्र): फखरुद्दीन का इकलौता बेटा। पिता हलवाई का काम करते हैं, मां सोना घरों में काम करती हैं। छोटी बहन खुशी भी है। इरफान का सपना आईपीएस बनकर परिवार का नाम रोशन करना था।
परिजनों ने बताया कि बच्चे खेलते हुए नदी किनारे पहुंच गए थे। अचानक गहरे पानी में चले जाने के कारण तीनों डूब गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि वे नदी तक गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम को बुलाया गया। देर शाम तीनों शव एक-एक कर निकाले गए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
परिवारों की हालत
तीनों परिवार गरीबी की रेखा पर जीवन यापन कर रहे हैं। इकलौते बेटों की मौत से घरों में कोहराम मचा हुआ है। मांएं रो-रोकर बेसुध हो रही हैं। पूरे राजघाट इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

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