हाथरस, 1 मई 2026: हाथरस पुलिस की मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप माननीय न्यायालय ने थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के 4 वर्षीय मासूम कविश के अपहरण और तस्करी के मामले में अंतरराज्यीय बच्चा चोर गैंग के पांचों अभियुक्तों को 10 वर्ष कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम महेंद्र कुमार रावत ने यह फैसला सुनाते हुए गैंग के सदस्यों को दोषी करार दिया।
9 मई 2025 को कोतवाली नगर क्षेत्र की जागेश्वर कॉलोनी में रहने वाले प्रिंस गोस्वामी के 4 वर्षीय पुत्र कविश घर के बाहर खेलते समय लापता हो गया था। पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने पाया कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गैंग का काम था, जो बच्चों की फोटो खरीदारों को भेजकर डिमांड अनुसार अपहरण कर उन्हें दक्षिण भारत (विशेषकर आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा) में बेचने का काम करता था।
पुलिस की विशेष टीमों ने तेज कार्रवाई करते हुए बच्चे को हाथरस से लगभग 1760 किमी दूर विजयवाड़ा से सकुशल बरामद किया। गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें हाथरस के मोनू पाठक व उसकी पत्नी नेहा शर्मा, तथा आंध्र प्रदेश के मल्लिकार्जुन, मैद्दी पाटला (राघवेंद्र) और सुब्बालक्ष्मी शामिल हैं।
पुलिस की सराहनीय भूमिका:
हाथरस पुलिस ने इस मामले में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की मजबूत पैरवी से साक्ष्यों को मजबूती से पेश किया, जिसके परिणामस्वरूप अदालत ने सख्त सजा सुनाई। यह फैसला न केवल मासूम बच्चे के परिवार को न्याय दिलाता है, बल्कि ऐसे संगठित गैंगों के लिए भी चेतावनी है।
एसपी हाथरस ने इस उपलब्धि पर कहा कि पुलिस बच्चों की सुरक्षा और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के साथ काम कर रही है।

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