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गाजियाबाद : पानी का राजा' कहलाने वाला हर्षित भी 80 फीट गहरे गड्ढे में डूबा, इंदिरापुरम में मातम - INA NEWS

गाजियाबाद (इंदिरापुरम), 10 अप्रैल 2026: गाजियाबाद के इंदिरापुरम थानाक्षेत्र के ज्ञानखंड-3 स्थित शिप्रा रिवेरा सोसाइटी निवासी 23 वर्षीय हर्षित भट्ट की नोएडा सेक्टर-94 में एक गहरे पानी भरे गड्ढे में डूबने से बुधवार शाम मौत हो गई। गुरुवार शाम करीब 3:45 बजे जब उनका शव घर पहुंचा तो पूरे परिवार और सोसाइटी में कोहराम मच गया। मां दीपमाला और छोटी बहन फूट-फूटकर रो पड़ीं। पिता ललित चंद्रा (सीआरपीएफ/सीआईएसएफ जवान, लद्दाख में तैनात) ने दिल्ली पहुंचकर शव लेने के बाद हिंडन श्मशान घाट पर मुखाग्नि दी।
हर्षित नोएडा सेक्टर-125 स्थित निजी विश्वविद्यालय (एमिटी यूनिवर्सिटी) से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे। वे पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न स्कूलों में फिटनेस ट्रेनिंग भी देते थे। परिवार और दोस्तों के अनुसार, हर्षित एक अच्छा तैराक था और पानी में 'किंग' कहलाता था।

बुधवार सुबह हर्षित घर से परीक्षा देने के लिए निकले। परीक्षा समाप्त होने के बाद दोस्तों के साथ सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा के पास एक खाली पड़े निर्माण स्थल (नोएडा अथॉरिटी का प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर क्षेत्र) पर पिकनिक मनाने गए। वहां एक 20 फीट से ज्यादा गहरा पानी भरा गड्ढा था। हर्षित तैरने के लिए गड्ढे में उतरे और गहरे पानी में फंसकर डूब गए। दोस्तों ने काफी कोशिश की, लेकिन देर हो चुकी थी। शाम करीब 6 बजे एक दोस्त ने हर्षित की मां दीपमाला को फोन पर हादसे की सूचना दी।
मां रिश्तेदारों के साथ तुरंत नोएडा पहुंचीं। शव मोर्चरी पहुंचने के बाद देर रात 2:30 बजे घर लौटीं। पिता ललित चंद्रा को सूचना मिलते ही फ्लाइट बुक की, लेकिन पहली फ्लाइट रद्द हो गई। दूसरी फ्लाइट से गुरुवार दोपहर तीन बजे वह दिल्ली पहुंचे और नोएडा पोस्टमार्टम हाउस से शव लेकर घर आए।
परिवार का दर्द और सवाल:
शव घर के बाहर एंबुलेंस से उतरते ही मां और बहन उससे लिपट गईं। रिश्तेदार और सोसाइटी निवासी उमड़ पड़े। सोसाइटी निवासी हेमंत वाजपेयी ने बताया कि हर्षित बहुत मेहनती और जिम्मेदार लड़का था। परिवार ने पोस्टमार्टम में शरीर पर चोटों और निशानों का हवाला देते हुए हादसे पर सवाल उठाए हैं और कुछ लोगों ने हत्या की आशंका भी जताई है। हालांकि पुलिस और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया है, जिसमें गले में रेत और कीचड़ मिला था।
नोएडा पुलिस ने इसे ट्रेसपासिंग का मामला बताते हुए कहा है कि गड्ढे में कोई बैरिकेडिंग नहीं थी और सुरक्षा लापरवाही की जांच चल रही है। परिवार अभी तक औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराया है।
आखिरी मैसेज:
मां को हर्षित का आखिरी मैसेज था - “घर आने में थोड़ी देर हो जाएगी”। यह मैसेज अब परिवार के लिए हमेशा की याद बन गया है।

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