अंबेडकरनगर : रविवार सुबह जिले में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के चरण पादुका पूजन का भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसके बाद स्वामी जी ने मीडिया से विशेष बातचीत की।
शनिवार को जनपद पहुंचने के बाद स्वामी जी टांडा क्षेत्र के गोवर्धनपुर में ज्योतिर्मठ (उत्तराखंड) के वित्त विभाग प्रमुख मदन मोहन उपाध्याय के आवास पर रात्रि विश्राम किया। कार्यक्रम में स्थानीय श्रद्धालुओं और संतों ने उनकी अगवानी की और पूजन में भाग लिया।
मीडिया से रूबरू होते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्वामी रामभद्राचार्य से चल रहे विवाद पर सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “संत दो तरह के हो गए हैं सरकारी और असरकारी। हम खुद को असरकारी संतों की श्रेणी में रखना चाहते हैं। सरकारी संतों से भला कुछ होने वाला नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा कि अन्याय और अत्याचार के मुद्दों पर सरकारी संत केवल सत्ता के पक्ष में बोलते हैं। साधुओं का असली कर्तव्य जनता की तरफ से सरकार पर सवाल उठाना है, न कि सत्ता की चापलूसी करना।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बीच पिछले कुछ महीनों से सार्वजनिक विवाद चल रहा है, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए हैं।
कार्यक्रम के दौरान गोमाता की रक्षा जैसे मुद्दों पर भी स्वामी जी ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी का नेता हो, गोमाता की रक्षा करनी ही पड़ेगी।
स्थानीय स्तर पर इस आगमन को धार्मिक महत्व दिया जा रहा है। स्वामी जी उत्तराम्नाय ज्योतिषपीठाधीश्वर के रूप में जाने जाते हैं और विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहते हैं।
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