प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के बामपुर गांव में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। राम नवमी के अवसर पर गंगा घाट पर स्नान करने गए सात लड़कों में से चार तेज धारा में बह गए और डूब गए। गोताखोरों के प्रयासों से कुछ शव बरामद किए गए, जबकि घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
मांडा थाना क्षेत्र के बामपुर गांव स्थित गंगा घाट पर शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे सात बच्चे गंगा स्नान करने पहुंचे थे। अचानक गहरे पानी में चले जाने के कारण सभी डूबने लगे। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद मछुआरों ने तुरंत मदद की और तीन बच्चों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बचे हुए चार बच्चे गंगा की तेज धारा में समा गए। काफी मशक्कत और गोताखोरों की मदद से उनके शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान ,कुनाल (12 वर्ष) पुत्र अनिल, बामपुर गांव , निहाल (10 वर्ष) पुत्र अनिल, बामपुर गांव, दीपक (17 वर्ष) पुत्र राजाराम, बामपुर गांव, ऋषभ (10 वर्ष) पुत्र कमलेश, बामपुर गांव के रूप में हुई है
सुरक्षित बचाए गए बच्चों की पहचान ,मोहित (13 वर्ष) पुत्र दिगविजय , दिव्यांशु (16 वर्ष) पुत्र कमलेश , अमन (9 वर्ष) पुत्र कृष्ण कुमार के रूप में हुई है
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। गोताखोरों की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी रही। स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चे राम नवमी के पावन अवसर पर गंगा स्नान के लिए उत्साहित होकर घाट पर गए थे, लेकिन गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण यह हादसा हो गया।
चारों मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। छोटी उम्र के इन मासूमों की मौत ने पूरे बामपुर गांव को झकझोर दिया है। गांववासी और रिश्तेदार शोक संतप्त परिवारों के साथ पहुंच रहे हैं।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ऐसे हादसों को रोकने के लिए घाटों पर लाइफ गार्ड, वॉर्निंग बोर्ड और निगरानी बढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है।

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