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स्वच्छ और वायरस मुक्त हवा में साँस लेना जन्मसिद्ध अधिकार

DESK - 

दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या बीते कई वर्षों में भयावह होती जा रही है। बीते दिनों कोविड के कारण साल भर से अधिक समय बाद स्कूल खुले। फिर बंद करना पड़ा। 

कोविड-ओमिक्रोन की आशंका के बीच दिल्ली की आवोहवा को गम्भीर स्तर का बताया जा रहा है। आपात स्थिति जैसी! ऐसे में बढ़ते प्रदूषण के कारण कुछ वर्षों में एयर प्यूरीफायर की माँग भी बढ़ी है। लेकिन क्या एयर प्यूरीफायर समाधान है? यह एक बड़ा और वाजिब सवाल है। कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे मास्क समाधान नहीं है , पर मास्क बहुत हद तक प्रभावी प्रतिरक्षक है वैसे ही प्यूरीफायर भी हैं। विभिन्न कंपनियों के अपने-अपने दावे हैं।  अभी बीते दिनों में वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली-एनसीआर में महत्वपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की गई थी। जिसमें सैंकड़ों ख्यात चिकित्सकों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने कोविड काल के बाद की चुनौतियों और वायु प्रदूषण पर सार्थक चर्चा की।

उसकी एक रिपोर्ट- 

"प्रकृति ने हमें बहुत दिया है। हवा, पानी, धूप, धरती सब इतनी दी है कि सभी के हक में सब कुछ आ जाए । लेकिन आदमी ने सब खराब कर दिया है। मनुष्य की तमाम तरह की जरूरतों की आपूर्ति करना ईश्वर का काम है।  जो लोग सामाजिक उत्थान के कार्यों में लगे रहते हैं, वे ईश्वर तुल्य हैं। इसी तरह हवा की शुद्धि के प्रति ध्यान देने वाले लोग ईश्वर तुल्य हैं। 

 हम सभी लोगों की यह जिम्मेदारी है कि हवा, पानी को प्रदूषित न करें। और यह काम सभी के सम्मिलित प्रयास से ही संभव हैं।" ये बातें सुप्रसिद्ध वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वी. एस. चौधरी ने कही। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझने के लिए अपनी बुद्धि विकसित करने की आवश्यकता है कि उन्हें कैसे काम करना चाहिए। इसलिए लोगों की बुद्धि-शुद्धि भी जरूरी है। "

प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता रखने और जागरूकता विकसित करने संबंधी ऐसी ही कई महत्वपूर्ण बातों की चर्चा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बीते  दिनों हुई।

 इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए, पूर्वी दिल्ली एवं नोएडा शाखा) की ओर से रिवर इंजीनियरिंग (REPL) और जस्टिस फॉर एयर (एमिनेंट, प्रबुद्ध वरिष्ठजनों के अनुभवों और शिक्षण के बारे में लोगों को ज्ञानवर्द्धक जानकारी देने वाली महत्वपूर्ण संस्था ) तथा 'फेडेरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस एसोसिएशन' के सहयोग से ये कार्यक्रम संपन्न हुए। 

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन , पूर्वी दिल्ली शाखा की ओर से रिवर इंजीनियरिंग , इंडियन फेडेरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस एसोसिएशन(IFUNA) एवं जस्टिस फॉर एयर के सहयोग से "पराली जलाने और 'कोविड' काल के बाद के (Post covid era) वायु प्रदूषण की चुनौतियों” पर चर्चा हुई। सुचिंतित विचार आये।
वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नोएडा शाखा की ओर से रिवर इंजीनियरिंग और जस्टिस फ़ॉर एयर के सहयोग से आईएमए भवन, नोएडा  में "प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिम" पर संगोष्ठी आयोजित की गई।   

रिवर इंजीनियरिंग के चेयरमैन प्रसिद्ध नवोन्मेषी उद्यमी, समाजसेवी, लेखक, अध्येता डॉ. ए. के अग्रवाल ने वायु प्रदूषण के संदर्भ में बताया कि कैसे वायु का स्वरूप इन दिनों बदलता जा रहा है। 1980-90 के दशकों तक जहाँ हवा में जहाँ सिर्फ धूल और मिट्टी होती थी, वहीं आज के समय में सिलिका, एल्युमीनियम, ई-वेस्ट आदि जैसे प्रदूषक भी घुल-मिल गए हैं जो हमारी साँस के साथ हमारे शरीर के अंदर पहुँचते हैं और शरीर को नुकसान पहुँचाते हैं। विविध स्वास्थ्य समस्याओं और चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने नोएडा को 'सिटी ऑफ हेल्थ केयर' बनाये जाने की पहल की जिससे कि पूरी दुनिया के लोग स्वास्थ्य सुरक्षा और निदान के लिए यहाँ आयें।
इस अवसर पर अत्याधुनिक विश्वस्तरीय प्रौद्यौगिकी एयर प्यूरिफिकेशन सिस्टम 'पेट्रिमेड CA' से लोगों को अवगत कराया गया। विदित हो कि 'पेट्रिमेड CA' विश्वविख्यात जर्मन माइक्रोबायोलॉजिस्ट प्रोफेसर जूलियस रिचार्ड पेट्री से प्रेरित है। 

'पेट्रिमेड CA' कैनेडियन टेक्नोलॉजी पर आधारित आठ-स्तरीय  फिल्टरेशन प्रोसेस से निर्मित है जिसकी फिल्टरेशन डिजाइन विश्व स्थास्थ्य संगठन (WHO) के मानक एवं दिशानिर्देशों के अनुरूप है।  दावा किया गया है कि इसकी फिल्टरेशन क्षमता 99.999 प्रतिशत है जबकि अस्पतालों  और एयरक्राफ्ट में उपयोग होनेवाले आम प्यूरिफिकेशन सिस्टम की क्षमता भी मात्र 99.97 प्रतिशत तक ही होती है।

इसमें आयोनाइजर (ioniser) और यू वी सी डिसिन्फेक्टर ( UVC disinfector) भी लगे हैं। यह पूरी तरह से भरी हुई शुद्धिकरण प्रणाली है न कि साधारण शोधक। उपस्थित विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने कहा कि कोविड काल के अनुभवों को देखते हुए स्वास्थ्य को लेकर हर नागरिक को साक्षर होना होगा। प्रकृति के सामंजस्य रखते हुए जीवन शैली रखनी होगी। 200 से अधिक अनेक विशेषज्ञों-- डॉक्टरों, अस्पताल संचालकों, इंजीनियरों आदि ने  पेट्रिमेड CA की क्षमता के बारे में अपने ज्ञानानुभवों को साझा किया। प्रख्यात और वरिष्ठ डॉक्टरों ने कहा कि पेट्रिमेड CA व्यापक पैमाने पर-- कार आदि में भी प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के उपयोगी है। 

'मुश्किल' फ़िल्म की मुख्य किरदार और अनेक फिल्मों में भूमिका निभा चुकीं बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा बिष्ट ने दो दिनी कार्यक्रम में पेट्रिमेड CA की उपयोगिता और अत्याधुनिक यूनिक क्षमताओं-विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

आईएमए भवन, नोएडा के कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय गौतमबुद्ध नगर सांसद
 डॉ. महेश शर्मा ने नवोन्मेषी पहल का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में स्तुत्य कदम बताया। उन्होंने शुद्ध हवा और स्वास्थ्य की बुनियादी बातों का जिक्र करते हुए भरोसेमंद एयर प्यूरिफिकेशन सिस्टम की बढ़ती जरूरतों पर बल दिया। 

उन्होंने बहुत उल्लेखनीय बात कही कि "विरासत में हमें क्या मिला है यह महत्त्वपूर्ण नहीं है। वसीयत में हम आने वाली पीढ़ी को क्या देकर जाएंगे यह चिंतन करना है।"

एक पेशेवर डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ के रूप में भी उन्होंने चिंता जाहिर की कि प्रदूषित हवा-पानी की स्थिति को देखते हुए आगे छोटे बच्चे सवाल पूछेंगे। एक, दो साल के बच्चे नेबुलाइजर के साथ घूमेंगे? जन्मदिन उपहार में बच्चों को ऑक्सिजन देंगे? गाड़ियों में ऑक्सिजन सिलिंडर लेकर घूमेंगे? हो सकता है कि ऐसा वक्त न आये -पर क्या हम सब तैयार हैं? 

विख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद कुमार पांडेय ने कहा कि मेट्रोपॉलिटन रेजिडेंट्स के लिए एयर प्यूरिफिकेशन सिस्टम वरदान की तरह हैं। दोनों दिनों के इस स्वास्थ्य विमर्श में शताधिक जाने-माने डॉक्टरों, समाजसेवियों,  बुद्धिजीवियों, उद्यमियों , प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, मीडियाकर्मियों और अनेक क्षेत्रों के लोगों ने भागीदारी की।  
पहले दिन दिल्ली में कार्यक्रम की प्रमुख उपस्थितियों में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, पूर्वी दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. गौतम सिंह , इंडियन फेडरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशन्स एसोसीएशन से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार दीपक पर्वतियार, डॉ. कुमार गांधी, डॉ छवि गुप्ता, डॉ हरीश गुप्ता, डॉ, सुनील सिंघल, प्रमुख समाजसेविका नीरा अग्रवाल, युवा उद्यमी अंकुर अग्रवाल, पेट्रिमेड CA से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी नीरज कायस्थ आदि  लोगों ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की। 

नोएडा में दूसरे दिन के कार्यक्रम में आईएमए नोएडा के अध्यक्ष डॉ. सुनील अवाना, सचिव डॉ. जीपी गुप्ता, कोषाध्यक्ष डॉ. सुभाष गुप्ता, विख्यात चिकित्सक डॉ. आनंद कुमार पांडेय, प्रमुख समाजसेविका नीरा अग्रवाल, फ़िल्म कलाकार पूजा बिष्ट, अभिषेक मुखर्जी, चिकित्सक डॉ. वी एस चौहान, डॉ. उमा शर्मा, रिवर इंजीनियरिंग के अंकुर अग्रवाल सहित जीवन के विविध क्षेत्रों के अनेक महत्वपूर्ण लोगों की सक्रिय भागीदारी रही।

इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के विभिन्न अस्पतालों के कोरोना योद्धाओं का उनके सेवा कार्यों के लिए सम्मानित भी किया गया। आईएमए की प्रार्थना सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद दुःखभाग भवेत। से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। 

डॉ. शालिनी पांडेय के साथ सभागार में मौजूद सभी लोगों ने सामूहिक प्रार्थना गान किया। 
न त्वहं कामये राज्यं न स्वर्गं नापुनर्भवम् ।
कामये दुःखतप्तानां प्राणिनामार्तिनाशनम् ॥

यानी हे प्रभु! मुझे राज्य की कामना नहीं, स्वर्ग-सुख की चाह नहीं तथा मुक्ति की भी इच्छा नहीं। एकमात्र इच्छा यही है कि दुख से संतप्त प्राणियों का कष्ट समाप्त हो जाए। कार्यक्रम एक सफल आयोजन रहा। पर्यावरण में सुधार से संबंधित ऐसे कार्यक्रम और आयोजन मौजूदा समय की मांग हैं।

एक सार्थक संवाद, मजबूत पहल और स्वास्थ्य सरोकार की ऐसी चर्चा और जनजागरूकता जारी रहनी चाहिए।
हमारे पुरखों ने अखिल संसार को सिखलाया है-- शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्।। 

यानी शरीर ही सभी धर्मों-कर्तव्यों को पूर्ण करने का साधन है। और प्राण यानी वायु। शुद्ध वायु।
 “नमस्ते वायो, त्वमेव प्रत्यक्ष ब्रह्मासि, त्वमेव प्रत्यक्षं ब्रह्म वदिष्यामि। तन्मामवतु – वायु को नमस्कार है, आप प्रत्यक्ष ब्रह्म हैं। (ऋग्वेद)

प्रस्तुति : सविता पांडेय, दिल्ली

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