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आगरा से बस को हाईजैक करने का मामला झूठा, किस्त जमा न करने से फाइनेंस कर्मी ले गए थे गाड़ी

INA NEWS DESK

आगरा - आगरा के मलपुरा के न्यू दक्षिणी बाईपास स्थित रायभा टोल प्लाजा के पास से एक बस को हाईजैक करने का मामला सामने आया है। 


बस में 34 सवारियां हैं। बस गुरुग्राम से मध्यप्रदेश के पन्ना जा रही थी। चालक के मुताबिक, गाड़ी सवार कुछ लोगों ने तड़के 4:00 बजे बस का पीछा करके रुकवाया। 

उन्होंने  खुद को फाइनेंस कर्मी बताया था। बस को रोकने के बाद उन्होंने इसे अपने कब्जे में ले लिया।इसके बाद बस को लेकर आगे बढ़े। रास्ते में एक ढाबे पर बस को रोका और सभी सवारियों के पैसे वापस करवाये। खाना भी खिलाया। 

इसके बाद उन्होंने एत्मादपुर क्षेत्र में चालक को उतार दिया। चालक ने मलपुरा थाने आकर पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी के बाद पुलिस में हड़कंप है। हालांकि बस झांसी में मिली है और पुलिस का दावा है कि बस को फाइनेंसकर्मचारी ले गए थे। हालांकि पूरे मामले की जानकारी की जा रही है।

बस चालक रमेश के मुताबिक परिचालक रामविशाल निवासी चन्दला, ग्वालियर, हेल्पर भूरा के मोबाइल फोन छीन लिये थे। बदमाश दो कार से थे। एक जायलो कार थी जिसका नम्बर DL12 AC2286 बताया गया है। दूसरी कार के बारे में जानकारी नहीं है। चालक रमेश का आरोप है कि कार में बैठाते समय मारपीट की थी।

बस ग्वालियर में कल्पना ट्रेवल्स की है। ट्रेवल्स के मालिक पवन अरोरा हैं। बस का रंग पीला है और कई जगह कल्पना लिखा हुआ है। चालक रमेश ने बताया कि बदमाश उनके मोबाइल वापस दे गए। बस सवार लोगों ने कोसी मथुरा में कृष्णा ढाबा पर खाना खाया था। सभी बदमाश मास्क लगाए हुए थे।

बस चालक रमेश के मुताबिक  बदमाशों ने बस की आठ किश्त बकाया बताई थीं। बदमाशों पर तमंचे होने की बात पर दिखाई नहीं देना बताया गया है। बस में चार बदमाश सवार हो गए थे। रास्ते में कहीं पर भी पुलिस पिकेट भी नहीं मिली, जिससे वे रास्ते में विरोध कर सकें।

एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्यता मामला फाइनेंस से जुड़ा हो सकता है। पूरे मामले की जानकारी की जा रही है।

रिपोर्ट : उदय सिंह यादव 

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