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शिवपुरी - सेना भर्ती में फर्जी दस्तावेज लेकर भर्ती में शामिल होने आए पांच युवकों को किया गिरफ्तार

शिवपुरी। शिवपुरी में चल रही सेना भर्ती में फर्जी दस्तावेज लेकर भर्ती में शामिल होने आए पांच युवकों को पकड़ लिया। पुलिस ने जब दस्तावेज चेक किए तो उनके मूल निवासी, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज फर्जी पाए गए।
युवक उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं और गुना जिले में किसी फर्जी दस्तावेज बनाने वाले ये दस्तावेज बनवाए थे। युवकों ने पुलिस को तीन बार अपने नाम-पते बदलकर बताए, फर्जीवाड़ा का खुलासा करने के लिए पांचों युवकों दो दिन के लिए रिमांड पर लिया है। रविवार रात को फिजीकल ग्राउंड पर सेना की भर्ती देने आए पांच युवकों के जब गेट पर दस्तावेज चेक किए, तो उन पर संदेह हुआ।
फिजीकल पुलिस उन्हें थाने ले आई। जब पुलिस ने उनके दस्तावेज चेक किए तो कागजों में वे सभी गुना जिले के होने के साथ ही एससी-एसटी के आवेदक थे। जब पुलिस ने इन युवकों से पूछताछ शुरू की तो उन्होंने दस्तावेज में लिखे नाम-पते के अलावा दो अलग-अलग नाम-पता बताया। पुलिस ने पहली बार एफआईआर की गई, उसमें भी बाद में बदलाव करना पड़ा।

दस्तावेजों में ये थे आवेदकों के नाम विजय पुत्र भीकम सिंह सहरिया निवासी सय्येदपुरा गुना, अनिल पुत्र रामा भील निवासी मुहाल कॉलोनी बम्हौरी जिला गुना, कुंदन पुत्र हरीश कुमार पटेरिया निवासी रतनपुर जिला गुना, रिंकू पुत्र धनसिंह भिलाला निवासी गोपालपुरा तह. बम्हौरी जिला गुना, रूपेश पुत्र निर्मल राम भगत निवासी नानाखेड़ी गुना, के नाम से इनके दस्तावेज बने हुए थे। यह सभी एससी-एसटी के दस्तावेज थे, जो उक्त लोगों ने फर्जी बनवाए थे।

गिरफ्तार करने पर यह बताए नाम-पते पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद उक्त युवकों ने पुलिस को जो नाम-पते बताए, उसके अनुसार: विजय पुत्र भीकम सिंह यादव निवासी ईधोन फतेहाबाद आगरा (उप्र), अनिल पुत्र प्रकाश यादव नि. भगवतनगर थाना बिहार जिला उन्नाव (उप्र), सुभाष पांसी पुत्रसूर्यभान पांसी नि. हमीरपुर थाना बिहार जिला उन्नाव (उप्र), अनुराग पुत्र श्रवण भुर्जी नि. कान्हामऊ थाना खीरो जिला रायबरेली (उप्र), आकाश पुत्रविमेश परमार निवासी ढोंकी थाना फतेहाबाद जिला आगरा (उप्र), बताए गए।

टीआई फिजीकल थाना शिवपुरी सुनील खेमरिया ने बताया कि सेना भर्ती में शामिल होने आए युवकों ने फर्जी दस्तावेज बनवाए हैं। पांचों युवकों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के साथ ही उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि उनसे पूछताछ करके उस रैकेट तक पहुंच सकें, जिसने यह फर्जी दस्तावेज बनवाए।

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