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शिवसेना और बीजेपी की दोस्ती में दरार, मोदी पर हमला, राहुल की तारीफ

नई दिल्ली - बीजेपी और शिवसेना की दोस्ती में दरार लगातार बढ़ती जा रही है। बीजेपी से नाराज चल रही शिवसेना ने एकबार फिर बीजेपी पर हमला बोला है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि ‘देश खंडित जनादेश की तरफ बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके लिए जिम्मेदार हैं।’‘मोदी की छवि अब फीकी पड़ गई है। राहुल गांधी का नेतृत्व मोदी के जितना बड़ा नहीं है, लेकिन उसे अब अहमियत मिल रही है क्योंकि लोग मौजूदा सरकार से निराश हैं।’ साथ ही संजय राउत ने कहा है कि‘बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता आगामी चुनावों में पार्टी के संभावित खराब प्रदर्शन को लेकर चिंतित हैं, लेकिन नितिन गडकरी के बयान इस बात के संकेत हैं कि हवा किस तरफ बह रही है। गडकरी जैसे नेता की आरएसएस और बीजेपी नेताओं के बीच बराबर स्वीकार्यता है।’

संजय राउत के ये बयान उस वक्त आया है जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यकर्ताओं को अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी करने के निर्देश के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने तो यहां तक कह दिया है कि साथियों के अलग होने पर चुनाव में उन्हें भी पटक दिया जाएगा। 

शिवसेना के बगावती तेवर और लगातार किये जा रहे प्रहार के बाद अब आखिरकार बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इशारों-इशारों में उसे दो टूक चेतावनी दे दी है। महाराष्ट्र के लातूर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने साफ-साफ ये कह दिया है कि अगर सहयोगी हमारे साथ आते हैं, तो हम उनकी जीत सुनिश्चित करेंगे या फिर उन्हें भी पटक देंगे । बीजेपी अध्यक्ष का ये बयान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान के तुरंत बाद आया जिसमें उन्होंने कार्यकर्ताओं से अकेले चुनाव की तैयारियों में जुटने की अपील की सीएम फडणवीस ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी राज्य की सभी 48 सीटों पर उम्मीदवार खड़े करेगी । मित्र दलों को जो सीटें दी जाएंगी उन पर भी बीजेपी का ही उम्मीदवार होगा और पार्टी ही उसे जिताकर भी लाएगी। फडणवीस ने 48 में से 40 सीटों पर जीत दर्ज करने का दावा किया। उनके इस बयान पर मुहर लगाते हुए अमित शाह ने सहयोगियों को चेताते हुए पार्टी के कार्यकर्ताओं को हर बूथ पर अभी से तैयारी शुरू कर देने के लिए कहा।

आपको बता दें कि केंद्र और राज्य में बीजेपी के साथ होने के बावजूद शिवसेना लगातार उसका विरोध करती आ रही है। बावजूद इसके बीजेपी की तरफ से गठबंधन की उम्मीद बरकरार थी। हालांकि हाल ही में अमित शाह ने ये कहकर कि कुछ भी खोकर गठबंधन नहीं होगा। महाराष्ट्र में अकेले चुनाव लड़ने के संकेत दे दिये थे। इसके बाद शिवसेना कोटे से महाराष्ट्र में मंत्री रामदास कदम ने ये कहकर अपनी पार्टी का रुख साफ कर दिया कि शिवसेना लोकसभा चुनाव अकेले ही लड़ने वाली है । इस बात का फैसला पहले ही ले लिया गया था । 

रामदास कदम के इस बयान के ठीक एक दिन बाद फडणवीस और अमित शाह ने करीब-करीब ये साफ कर दिया है कि बीजेपी और शिवसेना अब अपनी-अपनी राह चलेगी।आपको बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को महाराष्ट्र की कुल 48 में से 39 सीटों पर जीत मिली थी। इसके बाद दोनों पार्टियों के रिश्तों में दरार आनी शुरू हो गई जिसका नतीजा ये हुआ कि दोनों पार्टियों ने महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव अलग-अलग लड़ा। हालांकि चुनाव बाद समझौते के तहत दोनों पार्टियों ने मिलकर सरकार जरूर बनाई, लेकिन बीजेपी पर शिवसेना का हमलावर रुख जारी रहा। अब एक बार फिर बीजेपी और शिवसेना का रास्ता अलग होने के बाद किसे फायदा होता है या किसे नुकसान इसका पता लोकसभा चुनाव के नतीजों से ही चलेगा।


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