मेरठ : तेली मोहल्ला में अपनी बेटी प्रियंका विश्वास (33) के कंकाल बने शव के साथ महीनों तक रहने वाले 76 वर्षीय सेवानिवृत्त क्लर्क उदयभानु विश्वास पर बुधवार को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया है। LLRM मेडिकल कॉलेज में कराए गए मानसिक परीक्षण में उनकी दिमागी हालत सामान्य पाई गई।
पुलिस के अनुसार, सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ला निवासी उदयभानु विश्वास माध्यमिक शिक्षा परिषद से सेवानिवृत्त लिपिक थे। 10 अप्रैल की रात उनके घर से प्रियंका का कंकाल में तब्दील शव बरामद किया गया था। जांच में सामने आया कि प्रियंका की मौत लगभग चार-पांच महीने पहले (नवंबर-दिसंबर 2025 के आसपास) पीलिया (जॉन्डिस) से हुई थी। उदयभानु ने शव को घर में ही रखा, परफ्यूम छिड़ककर बदबू छिपाई और खुद हरिद्वार चले गए। बाद में वे वापस लौटे और फिर शव के साथ रहे।
नया मोड़: FIR और गिरफ्तारी
शव बरामद होने के करीब 25 दिन बाद पुलिस ने उदयभानु के खिलाफ BNSS की धारा 239 (घटना छिपाने और पुलिस को सूचना न देने) तथा धारा 271 (जीवन के लिए खतरनाक बीमारी फैलाने संबंधी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की। दोनों धाराओं में अधिकतम 6 महीने की कैद और 5-5 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग की टीम ने परीक्षण के बाद रिपोर्ट दी कि आरोपी की मानसिक स्थिति सामान्य है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया। आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
उदयभानु का बयान
पूछताछ में उदयभानु ने बताया कि उन्हें डर लग रहा था और लगता था कि बेटी जिंदा हो जाएगी। वे कई बार शव के सिर और गाल पर हाथ फेरकर उसे उठाने की कोशिश करते थे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उदयभानु पत्नी की आत्महत्या के बाद मानसिक तनाव में थे और बेटी का इलाज झाड़-फूंक से कराते थे। उन्होंने डॉक्टर के बजाय तांत्रिक/मौलवी से संपर्क किया था।
पड़ोसियों ने बदबू और संदिग्ध गतिविधियों पर शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। घर में कूड़ा-कर्कट भरा हुआ था और सफाई नहीं की गई थी।
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