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ईश्वर से भक्तिमय मित्रता कर लो, दोनों लोक सम्भल जायेंगे - पं० शिवम नगायच

जालौन (मधौगढ) : न्याय पंचायत ईंटों क्षेत्र के ग्राम सिगटौली में समस्त ग्राम वासियों और क्षेत्रवासियों के सहयोग से श्री श्री 108 शंकर दास सरजू जी महाराज कर्णखेरा के सानिध्य में हो रहे। 11 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ में चल रही।

श्रीमद्भागवत कथा के अन्तिम विराम दिवस पर कथा व्यास पं० शिवम नगायच श्रीधामवृंदावन के मुखारविंद से भगवान कृष्ण और सुदामा चरित्र की कथा का वर्णन सुन कर श्रोताओं की आंखों से अस्कों की धारा बहने लगी। और भगवात प्रांगण में बैठे भगवान भक्त भाव विभोर हो गये। कथा व्यास ने कहा कि सच्चे भगवान भक्त कभी भी भगवान से दूर नही होते है। 


भगवान हमेशा भक्तों के पास रहते है। अपने भक्तों के करीब रहने के लिए।भगवान नाना प्रकार के रूप धारण कर लेते है। किसी भक्त के पास भगवान मित्र बनकर आते है। किसी भक्त के पास पुत्र बनकर आते है। भगवान हर पल हर घड़ी अपने भक्तों के पास रहते है। मित्र हजार नही बनाना चाहिए। मित्र एक बनाओ। लेकिन ऐसा बनाओ।जो कभी सर्वार्थ की मित्रता नही करें। निस्वार्थ मित्रता का भाव रखे।भक्त सुदामा से मित्रता करके भगवान कृष्ण ने उनका उद्धार कर दिया था। भगवान कृष्ण ने अपने गरीब मित्र भक्त सुदामा को मालामाल कर दिया था। और भगवान ने भक्त सुदामा की मित्रता को हमेशा के लिए अमर कर दिया।संसार के प्राणियों के लिए एक सीख दे दी।कि मित्रता का मतलब क्या होता है। मित्रता का भाव सबसे ऊपर होता है। 

सभी लोग मित्र भगवान को बना लो जो जीते जी संसार में काम आयेगे और मरने के बाद भी काम आयेगे । ईश्वर से भक्तिमय मित्रता कर लो। दोनों लोक सम्भल जायेंगे। ईश्वर से मित्रता करने वालों की हर एक जरूरत पूरी हो जाती है। सभी को जवानी में भक्ति करना चाहिए। बुढ़ापे का इन्तजार नही चाहिए। भगवान की भक्ति करने से जीवन सफल हो जायेगा। भक्त सुदामा की तरह अमर हो जाओगे।इस मौके पर कथा पारीक्षित धीरज कुमार दीक्षित व इनकी पत्नी मंजू देवी दीक्षित, सहित ग्राम वासी व क्षेत्र वासी महिला पुरुष साधु संत भगवान भक्त श्रोतागण मौजूद रहे।

रिपोर्ट : वेदप्रकाश याज्ञिक,संवाददाता : माधौगढ़ (जालौन)

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