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prayagraj news: सिविल लाइंस में छह मंदिर ध्वस्त, 20 से अधिक हैं सूची में शामिल

पन्ना लाल रोड (पार्करोड) पर मंदिर और धार्मिक स्थल जमीदोज करने के बाद प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में पीडीए और नगर निगम के दस्ते में रविवार रात सिविल लाइंस में छोटे-बड़े छह मंदिर ध्वस्त करा दिए जाते हैं। सुबह तक मौके से मलबा भी हटा दिया गया। पीडीए अफसरों के मुताबिक कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। प्रमुख चौराहों और मंदिर से अतिक्रमण को रोक दिया गया है, लोगों ने मूर्तियों को रखकर कारोबार शुरू कर दिया था।

 सिविल लाइंस सहित कई थानों की पुलिस ने रविवार देर रात एमजी मार्ग से आजाद पार्क को जाने वाली सड़क सील कर दी थी। देर रात पीडीए और नगर निगम के अफसर मौके पर पहुंचे। अफसरों ने कार्रवाई के बारे में पहले तो अनभिज्ञता जताई फिर फोन बंद कर दिया। 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पीडीए के दस्ते ने रात करीब पौने तीन बजे धावा बोला। तीन बजे बसंत के सामने से एक स्कूल की चहारदीवारी से सटे मंदिर से हनुमान जी की प्रतिमा हटाकर निर्माण ध्वजा बनाई गई। फिर दस्ता हनुमत निकेतन के सामने पहुंचा। यहां पेड़ के बगल में एक मूर्ति हटाई गई। फिर अगल बगल के मंदिरों में रखी शिव, पार्वती, हनुमान की प्रतिमाएं हटाकर निर्माण ध्वस्त कराए गए। हनुमत निकेतन के सामने स्थित मंदिर के पुजारी ने कारर्वाई का विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें वहां से जबरन हटा दिया। सोमवार पुजारी पेड़ के नीचे चादर बिछाकर लेटे रहे। उन्होंने कहा कि बरसों पुराने मंदिर को जबरन तोड़ना ठीक नहीं है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम देकर अफसर तो चले गए फिर नगर निगम का गाड़ियों से जेसीबी से मलबा उठाने की कार्रवाई सुबह तक चलती रही। कोहरा छंटने के बाद लोग वहां से गुजरे तो मंदिरों के निशान तक नहीं थे। 

अब चौराहों को खाली करने की तैयारी है

प्रशासन ने स्थानीय स्थानों के साथ सड़कों के किनारे किए अतिक्रमण हटाने की पूरी तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक अभी सिविल लाइंस क्षेत्र, कटरा और पूर्वोत्तर आफिस के आसपास के साथ कानपुर रोड पर कार्रवाई प्रस्तावित है। सरकारी अभिलेखों में इन मंदिरों का उल्लेख नहीं है। पीडीए और नगर निगम अफसर धार्मिक, पूजा स्थलों को अतिक्रमण मान रहे हैं।





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