INA NEWS

ads header

ताज़ा खबर

बेटियां मांगती रहीं जिंदगी की भीख, नहीं पसीजा बेरहम बाप का दिल

मैनपुरी - मैनपुरी में मोबाइल फोन चोरी करने पर गुस्से से आग बबूला हुए पिता ने खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला। उसने गोली मारकर दो बेटियों की हत्या कर दी। वारदात से पहले दोनों बेटियां ने पिता से जिंदगी की भीख मांगती रही, लेकिन उसके सिर पर तो खून सवार था। बेरहम बाप का दिल नहीं पसीजा।

भोगांव क्षेत्र के गांव गढ़िया गोविंदेपुर निवासी सुखदेव शर्मा पुत्र प्रताप नारायण शर्मा शहर के मोहल्ला धाररु (रामलीला मैदान) में मकान बनाकर परिवार सहित रहता है। बुधवार रात तकरीबन 10.15 बजे सुखदेव ने तमंचे से गोली मारकर बेटी नेहा शर्मा (20) व अनामिका शर्मा (18) की हत्या कर दी। 

सुखदेव शर्मा सहित उसका पूरा परिवार रामलीला मैदान मोहल्ला में रहने वाले पवन शर्मा के घर 17 मार्च की शाम को जुहारी (होली मिलने) गया था। 18 मार्च की सुबह सुखदेव शर्मा प्लास्टर करने के लिए पवन शर्मा के घर पहुंचा। यहां उसे मोबाइल चोरी की जानकारी मिली। 

सुखदेव ने तत्काल घर पर फोन करके बेटियों से मोबाइल के बारे में पूछा, लेकिन बेटियों ने जानकारी न होने की बात कही। पत्नी रामा देवी के अनुसार दोपहर में सुखदेव खाना खाने घर आया और बेटियों से फिर मोबाइल के बारे में पूछा, लेकिन बेटियों ने मोबाइल न लेने की बात कही। 

शाम करीब छह बजे सुखदेव काम खत्म करने के बाद घर आया तो सख्ती से पूछताछ की तो बेटियों ने मोबाइल फोन उसे सौंप दिया। इस पर उसने दोनों बेटियों के दो-चार डंडा मारे और बाजार के लिए चला गया। देर रात नशे की हालत में वो घर पहुंचा। पूरा परिवार कमरे में मौजूद था। 

सुखदेव ने बेटियों से मोबाइल चोरी करने का कारण पूछा और तमंचा निकाल लिया। पत्नी के अनुसार उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि सुखदेव बेटियों को गोली मार देगा। हालांकि बेटियां दोबारा गलती न करने की बात कहते हुए पिता के सामने गिड़गिड़ाने लगीं। इसी बीच सुखदेव ने नेहा को गोली मार दी। 

बहन की हत्या के बाद अनामिका रोते हुए पिता से जिंदगी की भीख मांगती रही, लेकिन पिता का दिल नहीं पसीजा। उसने तमंचा में कारतूस लगाकर दूसरी बेटी अनामिका को गोली मार दी। उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देकर उसने खुद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 

वारदात के वक्त कमरे में रामा देवी और उनका 12 वर्षीय पुत्र शिवेंद्र शर्मा भी मौजूद था। दो जवान बेटियों की हत्या से दोनों दहशत में आ गए। दोनों ही उस खौफनाक मंजर को नहीं भुला सके हैं। बृहस्पतिवार को रिश्तेदार मां-बेटे को दिलासा देते रहे, लेकिन वो उस खौफनाक मंजर को नहीं भूल पा रहे थे। 

INA NEWS DESK


No comments