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भाई हम जीत गए, गांव में दौड़ी खुशी की लहर

INA NEWS हापुड़  - आखिरकार सुबह वह खबर आ ही गई जिसका इंतजार पूरा गांव (काठीखेड़ा) कर रहा था। अमेरिका से स्नेहा ने अपने भाई कपिल को 9.29 बजे व्हाट्सएप कॉल कर जो कहा उसे सुनते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।
स्नेहा ने बताया भाई हम जीत गए हैं हमारी डॉक्यूमेंट्री ने ऑस्कर अवॉर्ड हासिल कर लिया है इतना कहने के बाद कॉल कट गई लेकिन इस खबर से पूरे गांव में खुशी छा गई। स्नेहा वहीं हैं जिन्होंने ऑस्कर विजेता डॉक्यूमेंट्री पीरियड: एण्ड ऑफ सैंटेंस में मुख्य भूमिका निभाई है।

हापुड़ जिला मुख्यालय के निकटवर्ती गांव काठीखेड़ा में सैनिटरी पैड बनाए जाने पर बनी डॉक्यूमेंट्री पीरियड: एण्ड ऑफ सैंटेंस 23 और 25 फरवरी को ऑस्कर समारोह में प्रदर्शित हुई। इस समारोह में भाग लेने के लिए इस गांव की एनजीओ संचालिका सुमन और स्नेहा ने गुरुवार की शाम दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे से अमेरिका के लिए उड़ान भरी थी।

इस जीत के बाद से ग्रामीण गदगद हैं और फिल्म को ऑस्कर मिलने के बाद अपनी दुआएं कबूल होने पर जमकर खुशी मना रहे हैं। सैनिट्री पैड बनाने पर बनी उक्त फिल्म में स्नेहा का मुख्य किरदार है। यूं तो यह कारोबार काफी छोटा है।

गांव काठीखेड़ा की स्नेहा समेत कुल करीब 7-8 लड़कियां ही इस काम से जुड़ी है। लेकिन इस फिल्म को ऑस्कर के लिए नामित होने के बाद से स्नेहा और काठीखेड़ा गांव सुर्खियों में है।

कैसे तय किया ऑस्कर तक का सफर

इस समारोह के लिए फिल्म निर्माताओं की ओर से एनजीओ की संचालक सुमन और फिल्म में मुख्य किरदार निभाने वाली स्नेहा को ऑस्कर समारोह में जाने का न्यौता मिला था। आनन-फानन में पासपोर्ट, वीजा और हवाई जहाज के टिकट भी मुहैया करा दिए गए।

पुरानी बातचीत में उनके परिजनों ने बताया था कि गुरुवार की शाम दोनों आईजीआई हवाई अड्डा दिल्ली से अमेरिका के लिए रवाना हो गईं। दोनों 23 फरवरी को अपनी फिल्म के प्रदर्शन अवसर पर आस्कर समारोह में मौजूद रहेंगी। इसके बाद 25 फरवरी को भी उक्त फिल्म का प्रदर्शन होगा।

एनजीओ संचालक करने वाली काठीखेड़ा के बलराज सिंह की पत्नी सुमन के देवर अंकित का कहना है कि गांव में खुशी का माहौल है। सैनिटरी नैपकिन बनाने के कारोबार से जुड़ी सुषमा, राखी, अरसी, नीशू और अफसाना की खुशी का ठिकाना नहीं है क्योंकि उनके बीच से स्नेहा को ऑस्कर समारोह में जाने का मौका मिला है और अब तो फिल्म अवार्ड भी जीत चुकी है। दोनों एक मार्च को वापस लौटेंगी।

उधर सुमन के परिवार की महिलाएं संतरा, मनीषा, सरिता, पूजा के साथ ही अंकित, विपिन, राहुल, शंकर, सुमित, अमित और मोहित आदि भी ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि इसी फिल्म को ऑस्कर अवार्ड मिल जाए। इससे उनके गांव परिवार का नाम और ऊंचा हो जाएगा।

INA NEWS DESK 

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