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51वीं मन की बात, पीएम मोदी बोले- गौरवपूर्ण साल रहा 2018

UDAY SINGH YADAV : 

INA DESK - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिये 51वीं बार देशवासियों को संबोधित किया। सुबह 11 बजे से कार्यक्रम का प्रसारण किया। इस साल पीएम की यह आखिरी मन की बात है। आखिरी बार 25 नवंबर को उन्होंने देशवासियों को संबोधित किया था। जिसमें पीएम मोदी ने कहा था कि मन की बात 130 करोड़ भारतीयों के मन की आवाज है।

पीएम ने सभी देशवासियों को आने वाले नए साल की शुभकामनाएं देते हुए किया और कहा कि हर व्यक्ति को, समाज को, राष्ट्र को पीछे मुड़कर भी देखना होता है और भविष्य मे भी देखने की कोशिश करनी होती है। इसी तरह अनुभवों का लाभ मिलता है और नया करने का आत्मविश्वास भी पैदा होता है।

पीएम ने कहा कि हम कुछ ऐसा करें जिससे स्वयं के जीवन में भी बदलाव ला सकें और साथ-ही-साथ देश एवं समाज को आगे बढ़ाने में भी अपना योगदान दे सकें और कहा कि यह भी महत्वपूर्ण है कि 2018 को भारत एक देश के रूप में, अपनी एक सौ तीस करोड़ की जनता के सामर्थ्य के रूप में कैसे याद रखेगा।

आयुष्मान भारत का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा "2018 में विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत’ की शुरुआत हुई। देश के हर गांव तक बिजली पहुंची। विश्व की गणमान्य संस्थाओं ने माना कि भारत रिकॉर्ड गति के साथ, देश को गरीबी से मुक्ति दिला रहा है।"

स्वच्छता कवरेज को लेकर पीएम ने कहा, "देशवासियों के अडिग संकल्प से स्वच्छता कवरेज बढ़कर के 95 फीसद को पार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आजादी के बाद 2018 में लाल-किले से पहली बार, आजाद हिन्द सरकार की 75वीं वर्षगांठ पर तिरंगा फहराया गया।" 

देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाले, सरदार वल्लभभाई पटेल के सम्मान में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ देश को मिली। देश को संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार चैंपियन ऑफ द अर्थ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। भारत में अन्तर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की पहली महासभा ‘अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन’ का आयोजन हुआ। हमारे सामूहिक प्रयासों का ही नतीजा है कि हमारे देश की ईज ऑफ बिजनेस डुईंग बिजनेस रैंकिंगमें अभूतपूर्व सुधार हुआ।

देश के सेल्फ डिफेंस को नई मजबूती मिली है। इसी वर्ष देश ने सफलतापूर्वक न्यूकलियर ट्रायड को पूरा किया है, यानी अब हम जल, थल और नभ-तीनों में परमाणु शक्ति संपन्न हो गए हैं। देश की बेटियों ने नाविका सागर परिक्रमा के माध्यम से पूरे विश्व का भ्रमण कर देश को गर्व से भर दिया है। वाराणसी में भारत के पहले जलमार्ग की शुरुआत हुई। वाटरवेज के क्षेत्र में नयी क्रांति का सूत्रपात हुआ है।

देश के सबसे लम्बे रेल-रोड पुल बोगीबील ब्रिज का लोकार्पण किया गया और सिक्किम के पहले और देश के 100वें एयरपोर्ट– पाक्योंग की शुरुआत हुई। अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप और ब्लाइंड क्रिकेट विश्व कप में भारत ने जीत दर्ज करायी. इस बार एशियन गेम्स में भारत ने बड़ी संख्या में मेडल जीते। पैरा एशियन गेम्स में भी भारत ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। यह सब 130 करोड़ देशवासियों के अथक प्रयासों से संभव हो सका है।

प्रधानमंत्री ने कहा की उन्हें उम्मीद है कि 2019 में भी भारत की उन्नति और प्रगति की यह यात्रा यूं ही जारी रहेगी और देश और मजबूती के साथ नयी ऊंचाइयों को छुएगा। इस दिसंबर में हमने कुछ असाधारण देशवासियों को खो दिया। 19 दिसम्बर को चेन्नई के डॉ जयाचंद्रन का निधन हो गया। उनको प्यार से लोग ‘मक्कल मारुथुवर’ कहते थे क्योंकि वे जनता के दिल में बसे थे। डॉ जयाचंद्रन गरीबों को सस्ते-से-सस्ता इलाज उपलब्ध कराने के लिए जाने जाते थे।

25 दिसंबर को कर्नाटक की सुलागिट्टी नरसम्मा का निधन हो गया। सुलागिट्टी नरसम्मा गर्भवती माताओं-बहनों को प्रसव में मदद करने वाली सहायिका थीं। उन्होंने कर्नाटक के दुर्गम इलाकों में हजारों माताओं-बहनों को अपनी सेवायें दीं। इस साल की शुरुआत में उन्हें ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया था।

बिजनौर के हार्ट लंग्स क्रिटिकल सेंटर की ओर से हर महीने ऐसे मेडिकल कैंप लगाये जाते हैं जहां कई तरह की बीमारियों का मुफ्त जांच और इलाज होता है। हर महीने सैकड़ों गरीब मरीज इस कैंप से लाभान्वित हो रहे हैं। निस्वार्थ भाव से सेवा में जुटे इन डॉक्टर्स का उत्साह तारीफ के काबिल है।

"हर समाज में खेल-कूद का अपना महत्व होता है जब खेल खेले जाते हैं तो देखने वालों का मन भी ऊर्जा से भर जाता है।" 

'12 साल की हनाया निसार ने कोरिया में कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। वह कश्मीर के अनंतनाग में रहती है। उन्होनें मेहनत और लगन से कराटे का अभ्यास किया, उसकी बारीकियों को जाना और स्वयं को साबित करके दिखाया। हनाया को ढ़ेर सारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद'

16 साल की रजनी ने जूनियर महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। पुणे की 20 साल की वेदांगी कुलकर्णी साइकल से दुनिया का चक्कर लगाने वाली सबसे तेज एशियाई बन गयी हैं। पीएम ने इन सभी बेटियों को सराहा और उन्हें शुभकामनाएं भी दी।

"अगर संकल्प में सामर्थ्य है, हौसले बुलंद हैं तो रुकावटें खुद ही रुक जाती हैं। कठिनाइयां कभी रुकावट नही बन सकती हैं। अनेक ऐसे उदाहरण जब हम सुनते हैं तो हमें भी अपने जीवन में प्रतिपल एक नयी प्रेरणा मिलती है।"

INA NEWS DESK 


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