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नरेश अग्रवाल ने अब सरकार को भी लपेटा

नई दिल्ली  –  पाकिस्तान की जेल में कैद कुलभूषण जाधव के परिजनों से पाक अधिकारियों की अभद्रता को जायज ठहराकर चौतरफा घिरे सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने अब अपनी सफाई में केंद्र सरकार को भी लपेट लिया है।

सपा के राज्यभा सदस्य अग्रवाल ने राज्य सभा के सभापति को खत लिखकर एक तरह से अपनी सफाई तो दी ही, इस बहाने केंद्र सरकार पर भी निशाना साध दिया।

अग्रवाल ने पाकिस्तान की जेल में बंद कैदियों के साथ पाक अधिकारियों द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार और प्रताड़ना के मामले में भारत सरकार द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर सवाल उठाया। साफ है कि जाधव मामले में घिरने के बाद अब अग्रवाल इस मुद्दे का रुख दूसरी तरफ मोड़ना चाह रहे हैं।

क्या लिखा खत में?

राज्यसभा को लिखे खत का मजमून कुछ इस तरह है, “पाकिस्तान की जेलों में कुलभूषण जाधव समेत एक हजार से अधिक भारतीय बंद हैं। पाकिस्तान की जेलों में भारतीय कैदियों को अपराधी मानकर उनके साथ अमानवीय बर्ताव करता है।

पाकिस्तान की यातना के शिकार सरबजीत की मौत पाकिस्तान की जेल में ही हुई थी। जांच में ये भी पता चला था कि सरबजीत के कई अंग निकाल लिए गए थे। कुलभूषण जाधव को भी पाकिस्तान प्रताड़ित कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय अदालत के हस्तक्षेप के बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहा है। जाधव से मिलने उनकी मां और पत्नी के साथ पाकिस्तान ने जो रवैया अपनाया उसकी जितनी कड़ी निंदा की जाए उतनी कम है।

पाकिस्तान की जेलों में बंद भारतीय कैदियों के प्रति पाकिस्तान का दुर्व्यवहार किसी से छुपा नहीं है। यह सब जानते हुए भी भारत सरकार की तरफ से कभी भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। यह अत्यंत गंभीर मुद्दा है।”

जाधव पर क्या बोले थे अग्रवाल

इससे पहले सुबह मीडिया से बातचीत करते हुए नरेश अग्रवाल ने कहा था कि ‘अगर पाकिस्तान ने कुलभूषण को आतंकवादी माना है तो उसके साथ वैसा ही व्यवहार करेंगे जैसा वो कर रहे हैं। अग्रवाल ने यह भी कहा, ‘हमारे देश में भी आतंकवादियों के साथ ऐसा ही कड़ा व्यवहार करना चाहिए जैसा कि पाकिस्तानी जेलों में भारतीयों के साथ किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की जेलों में सैकड़ों भारतीय बंद हैं, ऐसे में उनकी भी बात होनी चाहिए, सिर्फ जाधव की नहीं। अग्रवाल के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मांग की है कि पार्लियामेंट्री अफेयर मंत्री को एक रिजोल्यूशन पास कर नरेश अग्रवाल को माफी मांगने के लिए कहना चाहिए। वह मना करते हैं तो उनकी संसद सदस्यता को ही खत्म कर देना चाहिए।

हालांकि बयान पर बवाल मचने के बाद अग्रवाल ने सफाई दी कि, उनका कहने का मतलब था कि पाक जेल में बंद भारतीयों के साथ जैसा व्यवहार किया जाता है, हमें भी भारतीय जेल में बंद पाक जासूस या आतंकियों के साथ वैसा ही करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम उनके साथ खुली छूट देकर व्यवहार कर रहे हैं, वो नहीं करना चाहिए।

 

रिपोर्ट  –  उदय सिंह यादव, संपादक 

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